नालंदा में आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण के लिए भूमि की समीक्षा बैठक आयोजित

नालंदा में आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण के लिए भूमि की उपलब्धता को लेकर उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। इस बैठक में चिन्हित भूमि, प्राप्त एनओसी, भौतिक सत्यापन और निर्माण योग्य भूमि की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। - आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन निर्माण को लेकर हुई बैठक में भूमि की उपलब्धता की समीक्षा की गई। - एनओसी मिलने और भौतिक सत्यापन के बाद उपयुक्त भूमि निर्माण एजेंसियों को देने का निर्देश दिया गया। - वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने और निर्माण कार्य तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
भूमि उपलब्धता और एनओसी की समीक्षा
जिन भूमि के लिए एनओसी प्राप्त हो चुकी है और भौतिक सत्यापन पूरा हो चुका है, उन्हें संबंधित एजेंसियों को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। इसके लिए संबंधित भूमि को मनरेगा एवं नाबार्ड के माध्यम से भवन निर्माण करा रहे एलएईओ-1, बिहारशरीफ एवं एलएईओ-2, हिलसा को पत्र के माध्यम से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ भूमि का एनओसी मिलने के बावजूद वर्तमान में उपयोग किया जाना संभव नहीं है। ऐसी भूमि को चिह्नित कर उनके स्थान पर अंचलाधिकारी के माध्यम से वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
लक्ष्य पूरा करने और निर्माण की गुणवत्ता पर जोर
उप विकास आयुक्त ने सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों को अपने लक्ष्य के अनुसार भूमि चिन्हित कर प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि भूमि चयन और उपलब्धता की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं हो तथा कार्य को आगे बढ़ाया जाए। बैठक में विभिन्न निर्माण एजेंसियों द्वारा बनाए जा रहे भवनों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखते हुए सभी भवनों का निर्माण निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा कराया जाए।