नालंदा में बाल श्रम से मुक्त कराए गए बच्चे को मिली तत्काल आर्थिक सहायता, प्रशासन ने की सख्त कार्रवाई

नालंदा जिले के राजगीर क्षेत्र में श्रम विभाग की कार्रवाई के दौरान एक बाल श्रमिक को कार्यस्थल से मुक्त कराया गया। श्रम संसाधन विभाग, बिहार के निर्देश पर यह अभियान चलाया गया, जिसके तहत मुक्त कराए गए बच्चे को विभागीय नियमों के अनुसार तत्काल सहायता राशि दी गई। इस सहायता का उद्देश्य बच्चे और उसके परिवार को तुरंत आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।
श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने बच्चे को सहायता राशि सौंपी और उसके परिवार को बाल श्रम के नुकसान बताए। उन्होंने कहा कि बच्चों से मजदूरी कराना कानूनन अपराध है और इससे बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास रुक जाता है। विभाग द्वारा बाल श्रम खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि बाल श्रम रोकने के लिए केवल सरकारी कार्रवाई काफी नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग का सहयोग जरूरी है। अभिभावकों और दुकानदारों को यह ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों से काम न कराया जाए। यदि कहीं कोई बच्चा काम करता दिखे, तो इसकी सूचना तुरंत श्रम विभाग या प्रशासन को दी जाए। आइडिया संस्थान के समन्वयक उज्ज्वल कुमार ने भी कहा कि बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रशासन गंभीरता से काम कर रहा है।