नालंदा में साइबर ठगों का भंडाफोड़: बगीचे में बैठकर लूट रहे थे लोगों को, 3 गिरफ्तार
नालंदा के गाजीपुर में पुलिस ने छापेमारी कर तीन साइबर ठगों को रंगेहाथ पकड़ा है। ये लोग लोन और लॉटरी के नाम पर ठगी करते थे।

बिहार के नालंदा जिले में साइबर अपराधियों का एक नया और खतरनाक तरीका सामने आया है। अपराधी अब शहरों के बजाय गांवों के सुनसान खंधों और बगीचों को अपना ठिकाना बना रहे हैं ताकि पुलिस की नजरों से बच सकें। ताजा मामला पावापुरी थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव का है, जहां साइबर थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए छापेमारी की और तीन साइबर ठगों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने मौके से 5 मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं, जिनमें ठगी से जुड़े कई महत्वपूर्ण साक्ष्य मिले हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गिरियक के सकुचीसराय निवासी मुन्ना कुमार, और पावापुरी के गाजीपुर निवासी युवराज कुमार एवं मुन्नू कुमार के रूप में हुई है।
तकनीकी जांच से खुला राज
साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के बाद संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच की गई। जब लोकेशन ट्रेस की गई, तो वह गाजीपुर गांव के एक सुनसान बगीचे और खंधे की ओर इशारा कर रही थी। पुलिस टीम ने जब वहां घेराबंदी की, तो देखा कि तीनों बदमाश बगीचे में बैठकर मोबाइल के जरिए लोगों को ठगने की फिराक में थे।
ठगी के तीन बड़े तरीके
पुलिस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ है कि यह गिरोह अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपना शिकार बनाता था:
- लोन का झांसा: अपराधी खुद को 'स्वामी फाइनेंस कंपनी' का कर्मचारी बताते थे। वे लोगों को बहुत कम ब्याज दर और आसान किस्तों पर लोन देने का लालच देते थे और फिर प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
- केरल लॉटरी घोटाला: ठग लोगों को यह कहकर फंसाते थे कि उनकी 25 लाख रुपये की केरल लॉटरी निकली है। इसके बाद जीएसटी और रजिस्ट्रेशन के नाम पर उनसे पैसे मांगकर ठगी की जाती थी।
- पुराने सिक्के और नोट: गिरोह का एक हिस्सा पुराने और दुर्लभ सिक्कों या नोटों के बदले बहुत बड़ी रकम देने का प्रलोभन देकर भी लोगों को लूटता था।
सोशल मीडिया के जरिए फैलाते थे जाल
इस गिरोह की कार्यप्रणाली काफी शातिर थी। ये लोग शिकार फंसाने के लिए सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन भी चलाते थे। इन विज्ञापनों को देखकर लोग खुद ही इन ठगों को कॉल कर बैठते थे और फिर इनके जाल में फंसकर अपनी जमा-पूंजी गंवा देते थे।
साइबर डीएसपी ने बताया कि फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। इस सफल छापेमारी टीम में दारोगा अबू तालिब अंसारी, तौकीर खान, सिपाही पुनेश कुमार, रवि कुमार, गृहरक्षक करण कुमार और संदीप कुमार शामिल थे।