नालंदा जन सुनवाई: डीएम ने सुनी 26 लोगों की समस्याएं, दिए सख्त निर्देश
नालंदा में जिलाधिकारी ने जन-सुनवाई के दौरान 26 लोगों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

नालंदा: बिहारशरीफ स्थित समाहरणालय सभागार में गुरुवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण नालंदा जन सुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के विभिन्न प्रखंडों और क्षेत्रों से आने वाले आम नागरिकों की समस्याओं को सुनना और उनकी शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना था।
इस दौरान जिले के अलग-अलग हिस्सों से आए कुल 26 फरियादियों ने अपनी पीड़ा जिलाधिकारी के समक्ष रखी। जिलाधिकारी ने एक-एक कर सभी आवेदकों की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और मामलों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
प्रमुख शिकायतें और जन समस्याएं
जन-सुनवाई के दौरान कई गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दे सामने आए, जिनसे आम जनता त्रस्त है। मुख्य रूप से निम्नलिखित मामले दर्ज किए गए:
- पिता द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत।
- जर्जर हो चुके सामुदायिक भवन का पुनर्निर्माण।
- इंदिरा आवास योजना का लाभ न मिल पाना।
- आवासीय सूची से नाम हटाए जाने का मामला।
- सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद मुआवजा राशि न मिलना।
अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के आदेश
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जन-सुनवाई में प्राप्त शिकायतों का निष्पादन त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। उन्होंने विभिन्न शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
विभागीय जिम्मेदारी और निर्देश:
- महिला विकास निगम: पिता द्वारा प्रताड़ना के मामले में जिला परियोजना प्रबंधक को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
- पंचायती राज विभाग: जर्जर सामुदायिक भवन के पुनर्निर्माण हेतु जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देशित किया गया है।
- उप विकास आयुक्त (DDC): इंदिरा आवास योजना और आवासीय सूची से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए डीडीसी को निर्देश दिए गए हैं।
- जिला परिवहन विभाग: सड़क दुर्घटना में मृत्यु के बाद मुआवजे के लंबित मामलों को तुरंत निपटाने के लिए जिला परिवहन पदाधिकारी को आदेश दिया गया है।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे आम जनता की समस्याओं के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी प्राप्त आवेदनों पर नियमानुसार और समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि जनता को न्याय मिल सके।