विकास योजनाओं में धरातल पर दिखना चाहिए बदलाव, डीएम उदिता सिंह ने समीक्षा बैठक में दिए कड़े निर्देश

नालंदा के समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में जिलाधिकारी उदिता सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को साप्ताहिक समन्वय-सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, ऊर्जा, लोक शिकायत निवारण और ग्रामीण विकास समेत कई विभागों की विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में राजस्व और दाखिल-खारिज के करीब 81 प्रतिशत मामलों के निष्पादन पर संतोष जताया गया तथा लंबित मामलों को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
भूमि अधिग्रहण और लोक शिकायत निवारण
नगरनौसा में प्रस्तावित डिग्री कॉलेज के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ विधि-सम्मत बातचीत कर इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने को कहा ताकि कॉलेज निर्माण का रास्ता साफ हो सके। इसके अलावा सभी तीनों अनुमंडल पदाधिकारियों को अपने स्तर पर लोक शिकायत निवारण के मामलों की नियमित समीक्षा करने और लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
स्वास्थ्य, राशन कार्ड और बिजली योजना की समीक्षा
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान एनीमिया मुक्त अभियान की प्रगति की जानकारी ली गई और नूरसराय प्रखंड में इसकी गति तेज करने को कहा गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के तहत राशन कार्ड वितरण में कम प्रदर्शन करने वाले प्रखंडों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के सख्त निर्देश दिए गए। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत आवेदन के मुकाबले इंस्टॉलेशन की कन्वर्जन दर को कम से कम 50 प्रतिशत तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
पंचायतों में विकास और मॉडल स्कूलों पर जोर
विकास योजनाओं का उद्देश्य कागजी खानापूर्ति नहीं बल्कि धरातल पर स्पष्ट बदलाव लाना होना चाहिए। जिलाधिकारी ने हर पंचायत से प्राथमिकता के आधार पर करीब 10 ऐसी जनोपयोगी योजनाओं का चयन करने को कहा जिससे पंचायतों की तस्वीर बदल सके। इसमें विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, सामुदायिक भवनों के जीर्णोद्धार, वृक्षारोपण और साफ-सफाई जैसे कार्य शामिल हैं। साथ ही मॉडल स्कूलों में स्मार्ट क्लास, सैनिटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और टीचर ऑफ द वीक जैसे कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया गया।