नालंदा सिपाही हत्याकांड: महिला दारोगा समेत 7 गिरफ्तार, बड़ा खुलासा!

नालंदा जिले के पावापुरी में एक्साइज सिपाही अजीत कुमार की हत्या के मामले में एक ऐसा सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जिसने पूरे पुलिस महकमे को सन्न कर दिया है। जिसे पुलिस शुरुआत में शराब तस्करों की गोलीबारी मान रही थी, उसकी सच्चाई जांच में कुछ और ही निकली। एसआईटी (SIT) की जांच में पता चला है कि सिपाही को गोली किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि उनकी अपनी ही टीम के एक सदस्य ने चलाई थी। इस मामले में पुलिस ने राजगीर की उत्पाद दारोगा सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
तस्करों का नहीं, साथी का हाथ निकला
घटना बुधवार रात की है, जब उत्पाद विभाग की टीम झारखंड से आ रही शराब से लदी एक पिकअप का पीछा कर रही थी। इस दौरान पावापुरी पुल के पास गोलीबारी हुई और सिपाही अजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनकी बाद में मौत हो गई। शुरुआती जांच में यह कहा गया था कि रेकी कर रहे तस्करों ने गोली चलाई है। लेकिन जब एसपी हृदय कांत को संदेह हुआ, तो उन्होंने राजगीर एसडीपीओ संजीत कुमार गुप्ता के नेतृत्व में एक विशेष एसआईटी का गठन किया।
जांच में जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:
- आदेश और फायरिंग: जांच में खुलासा हुआ कि राजगीर की उत्पाद दारोगा पुष्पा कुमारी के आदेश पर होमगार्ड रिशु कुमार ने साथी की राइफल लेकर तीन राउंड फायरिंग की थी।
- हादसे का विवरण: फायरिंग के दौरान दो राउंड मिसफायर हुए, लेकिन तीसरी गोली स्कॉर्पियो के पिछले शीशे को चीरते हुए चालक की सीट के पास बैठे सिपाही अजीत के सिर में जा लगी।
- मौके पर मौत: गोली लगने के बाद सिपाही की मौके पर ही मौत हो गई।
सच्चाई छिपाने की कोशिश और बड़ा झूठ
हैरानी की बात यह है कि इस घटना के बाद विभाग के कुछ अधिकारियों ने मामले को दबाने और गुमराह करने की पूरी कोशिश की। महिला दारोगा पुष्पा कुमारी ने यह बताने का प्रयास किया कि सिपाही की मौत तस्करों द्वारा की गई गोलीबारी से हुई है। इतना ही नहीं, सिपाही की मौत की जानकारी एसपी से भी छिपाई गई थी। अधिकारियों के इस रवैये ने ही मामले को संदिग्ध बना दिया, जिसके बाद एसआईटी को सच्चाई तक पहुँचने का मौका मिला।
इन लोगों की हुई गिरफ्तारी
एसआईटी की मुस्तैदी के बाद पुलिस ने मामले में शामिल मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल हैं:
- पुष्पा कुमारी (उत्पाद दारोगा, राजगीर)
- अनूप कुमार (उत्पाद सिपाही)
- रिशु (होमगार्ड)
- दीनानाथ (होमगार्ड)
- सन्नी (होमगार्ड)
- गौरव उर्फ निशांत (निजी चालक)
- शंकर कुमार
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई निजी स्कॉर्पियो गाड़ी को भी जब्त कर लिया है। फिलहाल, एसआईटी इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस पूरी साजिश के पीछे और कौन-कौन से लोग शामिल थे।