नालंदा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

Ghazala Saheb10 September 20262 min read9 viewsBihar
नालंदा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित

भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन और जिले में स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिहारशरीफ नगर निगम की ओर से कर्पूरी भवन में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, नगर निकायों के पदाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को ठोस कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन, स्रोत पर कचरा पृथक्करण और उसके उचित प्रसंस्करण की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को घर, दुकान, कार्यालय एवं अन्य संस्थानों से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने के लिए जागरूक करना, कचरे के वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देना तथा लैंडफिल पर निर्भरता को कम करना रहा। प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रभावी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए केवल नगर निकाय की जिम्मेदारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

कचरे की चार अलग-अलग श्रेणियां

नए नियमों के प्रभावी अनुपालन के लिए कचरे को मुख्य रूप से चार अलग-अलग श्रेणियों में पृथक रखना जरूरी है। गीले कचरे में भोजन का बचा हुआ हिस्सा, फल-सब्जियों के छिलके, फूल एवं अन्य जैविक सामग्री शामिल हैं। सूखे कचरे में कागज, प्लास्टिक, धातु, कांच तथा अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को रखा जाना है। सैनिटरी कचरे में डायपर, सैनिटरी पैड सहित संबंधित अपशिष्ट और स्पेशल केयर कचरे में इस्तेमाल की गई बैटरी, बल्ब, एक्सपायर्ड दवाइयां, पेंट के डिब्बे एवं अन्य विशेष प्रकार के अपशिष्ट शामिल हैं।

कचरे के निस्तारण और प्रसंस्करण की प्रक्रिया

प्रशिक्षण के दौरान कचरे के पृथक्करण के साथ-साथ उसके संग्रहण, परिवहन, प्रसंस्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक निस्तारण की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि गीले कचरे से जैविक खाद तैयार करने तथा सूखे कचरे में मौजूद पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग कर उसका उपयोग करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने वार्ड एवं क्षेत्रों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली, 2026 के प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने की अपील की गई।

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