नालंदा में नए मतदाताओं के लिए महाअभियान: घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ

बिहार के नालंदा जिले में अब उन युवाओं और पात्र नागरिकों को भी वोट देने का अधिकार मिलेगा, जिनके नाम अब तक मतदाता सूची में दर्ज नहीं हो पाए हैं। भारत निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार के दिशा-निर्देशों के बाद जिले में एक विशेष पंजीकरण अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य छूटे हुए पात्र मतदाताओं और पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं को चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बनाना है।
कैसे की जाएगी मतदाताओं की पहचान?
इस विशेष अभियान के पहले चरण में मतदान केंद्र स्तरीय अधिकारी एक महत्वपूर्ण कार्य करेंगे। वे पुरानी निर्वाचक सूची और वर्तमान सूची का बारीकी से मिलान करेंगे। इस प्रक्रिया के जरिए उन मतदाताओं की पहचान की जाएगी जिनका नाम पहले सूची में था, लेकिन अब गायब है।
अभियान के दौरान निम्नलिखित श्रेणियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा:
- अनुपस्थित मतदाता: जो उस पते पर नहीं मिल रहे हैं।
- स्थानांतरित मतदाता: जो अपना स्थान बदल चुके हैं।
- मृत मतदाता: जिनका नाम सूची से हटाया जाना है।
- दोहरी प्रविष्टि: एक से अधिक जगह दर्ज नाम।