नशे की गिरफ्त में युवा तो बर्बाद हो जाएगा बिहार: सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 'नशा मुक्त बिहार अभियान-2026' शुरू किया। नशे के बढ़ते चलन को रोकने के लिए एक महीने का विशेष अभियान चलाया जाएगा।

Ghazala Saheb27 October 20262 min read0 viewsBihar
नशे की गिरफ्त में युवा तो बर्बाद हो जाएगा बिहार: सम्राट चौधरी

बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बढ़ते नशे के चलन पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नई पीढ़ी को नशे की लत से नहीं रोका गया, तो बिहार का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। इसी गंभीर चुनौती से निपटने के लिए उन्होंने 'नशा मुक्त बिहार अभियान-2026' का औपचारिक शुभारंभ किया है।

एक महीने तक चलेगा विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य में नशे के खिलाफ अगले एक महीने तक एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशे के जाल से बाहर निकालना और समाज में व्यापक जागरूकता पैदा करना है। इस मिशन को सफल बनाने के लिए निम्नलिखित वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी:

  • विद्यार्थियों को जागरूक किया जाएगा।
  • जीविका दीदियों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा।
  • सामाजिक संगठनों और ब्रह्माकुमारी संस्था की बहनों की सक्रिय भूमिका रहेगी।

सूखे नशे का बढ़ता ग्राफ: चौंकाने वाले आंकड़े

सम्राट चौधरी ने मादक पदार्थों की जब्ती के आंकड़ों को साझा करते हुए बताया कि राज्य में 'सूखे नशे' (जैसे चरस, हेरोइन और अफीम) का प्रचलन बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि:

  • चरस: वर्ष 2024 में 282 किलोग्राम जब्त की गई थी, जो 2025 में बढ़कर 400 किलोग्राम हो गई।
  • हेरोइन: इसकी जब्ती 42 किलोग्राम से बढ़कर 62.65 किलोग्राम तक पहुंच गई है।
  • अफीम: अफीम की जब्ती में भी भारी उछाल देखा गया है, जो 10 किलोग्राम से बढ़कर 77 किलोग्राम हो गई है।
"स्वस्थ और उज्ज्वल बिहार का निर्माण तभी संभव है, जब समाज के सभी वर्ग मिलकर युवाओं को नशे से दूर रखने का प्रयास करें।"

इन जिलों पर रहेगा विशेष ध्यान

नशे की समस्या को देखते हुए राज्य के आठ जिलों को विशेष रूप से चिह्नित किया गया है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पटना, समस्तीपुर, वैशाली और आरा का उल्लेख किया, जहाँ सूखे नशे की समस्या पर अधिक ध्यान देने और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल प्रशासनिक कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक जन आंदोलन बनाया जाएगा ताकि यह गांव-गांव और आम लोगों तक पहुंच सके।

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