राष्ट्रीय लोक अदालत में 85 एमएसीटी मामलों के निष्पादन का लक्ष्य तय

सुपौल में आगामी 12 सितंबर 2026 को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी शुरू हो गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से गुरुवार को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण से जुड़े मामलों के आपसी समझौते के आधार पर निस्तारण पर चर्चा की गई। राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 85 मामलों को चिह्नित किया गया है।
यह बैठक जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय राकेश कुमार की अध्यक्षता में उनके वेश्म में हुई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रभारी सचिव मो. अफजल आलम ने इस बैठक का संचालन किया। बैठक में चिह्नित मामलों के शीघ्र निष्पादन और पक्षकारों के बीच सुलह के माध्यम से विवाद सुलझाने की संभावना पर विचार हुआ। अधिवक्ताओं और पक्षकारों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष नागेंद्र नारायण ठाकुर और सचिव सुधीर कुमार झा उपस्थित रहे। इसके अलावा एमएसीटी मामलों से जुड़े अधिवक्ता शिलभद्र कुमार सिंह, पियूष परिजात, राजेश कुमार सिंह और शक्ति कुमारी सारिका ने भी भाग लिया। लंबित मामलों को चिह्नित कर आपसी सहमति से त्वरित समाधान कराने पर चर्चा की गई।
प्रभारी सचिव मो. अफजल आलम ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत त्वरित, सरल और नि:शुल्क न्याय देने का माध्यम है। इसमें पक्षकारों की सहमति से मामलों का समाधान होता है जिससे लंबी न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिलती है। सभी पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।