छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन, हजारों मामलों का हुआ निपटारा

सारण में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण और बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार छपरा व्यवहार न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मामलों के त्वरित निपटारे के लिए कुल 17 पीठों का गठन किया गया था, जिनमें 2 बेंच DTO कार्यालय तथा 2 बेंच सोनपुर अनुमंडल कोर्ट में बनाई गई थीं। लोक अदालत में सुलहनीय आपराधिक मामले, चेक बाउंस, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना दावा, वैवाहिक विवाद, श्रम एवं राजस्व वाद तथा बिजली-पानी बिल व ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का निष्पादन किया गया।
न्यायिक अधिकारियों के संबोधन
उद्घाटन सत्र के संबोधन में प्रभारी जिला जज सच्ची मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत का प्राथमिक उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक त्वरित, सुलभ और सस्ता न्याय पहुंचाना है। इसमें किसी की हार या जीत नहीं होती, बल्कि आपसी सहमति से वर्षों पुराने विवाद समाप्त होते हैं। प्राधिकार के सचिव राजीव कुमार ने बताया कि लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे मुकदमों का अंतिम निपटारा सुनिश्चित होता है।
विभिन्न मामलों का निष्पादन और रिकवरी
आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायालय के कुल 987 मामले का निष्पादन हुआ। इसके अलावा सोनपुर रेलवे एक्ट के 853 मामले और DTO एवं ट्रैफिक चालान के 666 मामले का निष्पादन हुआ, जिसमें DTO एवं ट्रैफिक चालान से कुल 21,81,872 रुपए का रिकवरी हुआ। बैंक सेटलमेंट के मामले में कुल 4,40,91,674 रुपए का मामला सेटल होकर निष्पादित हुआ। बैंक रिकवरी के मामले में 2,33,50,396 रुपए का मामला सेटल हुआ जिसमें न्यायालय द्वारा सेटलमेंट राशि 5,60,000 रुपए प्राप्त हुई। आयोजन के अंत में सचिव ने सभी वादकारियों, अधिवक्ताओं, अधिकारियों एवं मीडियाकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।