राष्ट्रीय एकता दिवस: नक्सल विरोधी अभियानों की ताकत दिखाएंगे कोबरा और छत्तीसगढ़ पुलिस

राष्ट्रीय एकता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता का प्रदर्शन किया जाएगा। कोबरा और छत्तीसगढ़ पुलिस की टुकड़ियां शामिल होंगी।

Ghazala Saheb30 October 20263 min read0 viewsBihar
राष्ट्रीय एकता दिवस: नक्सल विरोधी अभियानों की ताकत दिखाएंगे कोबरा और छत्तीसगढ़ पुलिस

इस साल का राष्ट्रीय एकता दिवस (Rashtriya Ekta Diwas) केवल सरदार वल्लभभाई पटेल को याद करने का दिन नहीं होगा, बल्कि यह भारत की नक्सल विरोधी जंग में मिली बड़ी जीत का एक भव्य प्रदर्शन भी होगा। 31 अक्टूबर को होने वाली परेड में 'नक्सल मुक्त भारत' की थीम मुख्य आकर्षण रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में सीआरपीएफ (CRPF) की एलीट कोबरा (CoBRA) यूनिट, छत्तीसगढ़ पुलिस और अन्य अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियां अपनी वीरता और नक्सलवाद के खिलाफ हासिल की गई उपलब्धियों को प्रदर्शित करेंगी।

सुरक्षा बलों की जांबाजी का होगा प्रदर्शन

परेड के दौरान, जब सुरक्षा बलों की टुकड़ियां प्रधानमंत्री के सामने से गुजरेंगी, तो विशाल एलईडी स्क्रीनों पर उनके द्वारा चलाए गए नक्सल विरोधी अभियानों की सफलता को दर्शाने वाली लघु फिल्में दिखाई जाएंगी। यह प्रदर्शन राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) द्वारा वामपंथी उग्रवाद (LWE) के खिलाफ निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका को उजागर करेगा।

  • कोबरा (CoBRA) यूनिट: सीआरपीएफ की इस विशेष कमांडो बटालियन से लगभग 144 जवान परेड में हिस्सा लेंगे। कोबरा यूनिट ने अबुझमाड़ और सरंडा जैसे बेहद चुनौतीपूर्ण और उच्च जोखिम वाले जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जहाँ आईईडी (IED) का खतरा हमेशा बना रहता है।
  • छत्तीसगढ़ पुलिस: राज्य की पुलिस की तीन टुकड़ियां—पुरुष जिला रिजर्व गार्ड (DRG), महिला DRG और स्पेशल टास्क फोर्स (STF)—कुल 650 जवानों के साथ मार्च करेंगी। इसमें डॉग स्क्वाड और मोटरसाइकिल टीम भी शामिल होगी। छत्तीसगढ़ पुलिस ने 'ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट' और 'अबुझमाड़' जैसे कई बड़े अभियानों में केंद्रीय बलों के साथ मिलकर काम किया है।
  • नारी शक्ति का योगदान: इस वर्ष सीआरपीएफ की टुकड़ी में महिला कर्मियों की भागीदारी भी विशेष रूप से दिखाई देगी। सब-इंस्पेक्टर छाया जैसी महिला अधिकारी इस गौरवशाली मार्च का हिस्सा होंगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा में महिलाओं के बराबर के योगदान को दर्शाएगा।

कला के माध्यम से संघर्ष की दास्तां

यह उत्सव केवल सैन्य शक्ति का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि उन लोगों की भावनाओं को भी स्वर देगा जिन्होंने नक्सली हिंसा के कठिन दौर को झेला है।

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के लगभग 2,000 कलाकार उन 126 जिलों से आए हैं, जिन्होंने कभी सशस्त्र नक्सलवाद का सामना किया था। उनके माध्यम से उन लोगों के संघर्षों को दिखाया जाएगा जिन्होंने हिंसा के दौर में अपनी जान और संपत्ति को जोखिम में डाला।

इन 126 जिलों से लगभग 5,000 लोगों को इस समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, ताकि वे अपने अनुभवों को साझा कर सकें और राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकें।

परेड के अन्य मुख्य आकर्षण

एकता नगर में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में लगभग 25,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। समारोह के अन्य प्रमुख आकर्षण इस प्रकार हैं:

  • विशेष झांकियां: कार्यक्रम में कुल 15 झांकियां निकाली जाएंगी, जिनमें 5 झांकियां राष्ट्रीय थीम पर आधारित होंगी और 10 झांकियां गुजरात की सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करेंगी।
  • नशा मुक्त भारत का संदेश: सभी 36 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अर्धसैनिक बलों की एक विशाल मोटरसाइकिल रैली भी आयोजित की जाएगी, जो देश को नशा मुक्त बनाने का संदेश देगी।

बता दें कि हर साल 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया जाता है, जो भारत के राजनीतिक एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान की याद दिलाता है।

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