राष्ट्रीय एकता दिवस: गुजरात में जुटेगा पूरा देश, 25,000 लोग मनाएंगे सरदार पटेल का उत्सव

इस साल गुजरात के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन बेहद भव्य और बड़े स्तर पर होने जा रहा है। सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में इस बार लगभग 25,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने बताया कि इस वर्ष के उत्सव का मुख्य आकर्षण 'नशामुक्त भारत' का संदेश होगा।
LWE प्रभावित जिलों से आएगी बड़ी भागीदारी
इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि देश के 126 वामपंथी उग्रवाद (LWE) प्रभावित जिलों से लगभग 5,000 प्रतिभागी इस उत्सव में शामिल होंगे। गृह सचिव ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को एक साथ लाना, उनके बीच संवाद बढ़ाना और उन्हें देश की एकता की भावना से जोड़ना है। इससे प्रतिभागियों को गुजरात घूमने और देश के अन्य हिस्सों के लोगों से मिलने का मौका मिलेगा।
नशामुक्त भारत के लिए विशाल मोटरसाइकिल रैली
कार्यक्रम के दौरान एक विशाल मोटरसाइकिल रैली भी निकाली जाएगी। गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में इस रैली को हरी झंडी दिखाई। इस रैली में देश के सभी 36 राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की भागीदारी होगी।
- प्रत्येक राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और पुलिस संगठन से 45 मोटरसाइकिल सवार शामिल होंगे।
- इस रैली का मुख्य संदेश 'नशामुक्त भारत' अभियान को मजबूती देना है।
- गृह मंत्री ने पुलिस बलों से 2029 तक भारत को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया है।
सांस्कृतिक विविधता और भव्य झांकियां
एकता नगर में होने वाले इस समारोह में भारत की सांस्कृतिक विविधता की शानदार झलक देखने को मिलेगी। कार्यक्रम में कुल 15 झांकियां पेश की जाएंगी, जिनमें से 5 राष्ट्रीय थीम पर आधारित होंगी और 10 झांकियां गुजरात की संस्कृति को प्रदर्शित करेंगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों में केरल के पारंपरिक नृत्य जैसे कुचिपुड़ी और मोहिनीअट्टम के साथ-साथ अन्य राज्यों के कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देंगे। इस बार लोगों की पहुंच बढ़ाने के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा भी शुरू की गई है, जिससे देशभर के लोग आसानी से अपना पंजीकरण कराकर आवास बुक कर सकें।
गणतंत्र दिवस से अलग है इस दिन का महत्व
"राष्ट्रीय एकता दिवस का उद्देश्य गणतंत्र दिवस से प्रतिस्पर्धा करना नहीं है। जहाँ गणतंत्र दिवस हमारे संविधान के लागू होने और सैन्य शक्ति का प्रतीक है, वहीं राष्ट्रीय एकता दिवस मुख्य रूप से पुलिस बलों के कार्यों, सांस्कृतिक प्रदर्शनों और देश की एकता का उत्सव है।"
गृह सचिव ने स्पष्ट किया कि यह दिन सरदार पटेल के उस महान योगदान को याद करने का है, जिससे उन्होंने भारत को एक सूत्र में पिरोया और एक मजबूत प्रशासनिक ढांचा तैयार किया। इस वर्ष के आयोजन की तैयारियां भी सामान्य से अधिक समय लेकर की गई हैं ताकि इसे और व्यापक बनाया जा सके।