प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, कटिहार में बनी खास रणनीति

Ghazala Saheb24 August 20261 min read56 viewsBihar
प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आमदनी, कटिहार में बनी खास रणनीति

कटिहार में संयुक्त कृषि भवन में जिला स्तरीय किसान सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया गया। बैठक में सभी प्रखंडों के किसान सलाहकार समिति के अध्यक्ष शामिल हुए।

बिहार कृषि ऐप और डिजिटल योजनाओं पर जोर

डीएओ राजीव कुमार ने सभी प्रखंड अध्यक्षों से बिहार कृषि ऐप पर किसानों का अधिक निबंधन कराने को कहा। एग्री स्टैक और फार्मर आईडी निर्माण को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए गए। योजनाओं का सीधा लाभ देने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मृदा स्वास्थ्य कार्ड को गति देने को कहा गया। साथ ही दलहन-तिलहन मिशन और जलवायु अनुकूल कृषि को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।

रासायनिक खादों की जगह प्राकृतिक विकल्पों का उपयोग

कृषि पदाधिकारी ने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग घटाकर प्राकृतिक विकल्प अपनाने की अपील की। किसानों से एफपीओ और किसान समूहों के माध्यम से गोबर व गोमूत्र आधारित जीवामृत, बीजामृत, घनजीवामृत और हरी खाद का प्रयोग बढ़ाने को कहा गया, जिससे मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनी रहे और लागत घटे।

जूट के बाद अलसी और खस घास की खेती

जूट की कटाई के बाद खाली खेतों में अलसी की खेती की असीम संभावनाएं बताई गईं। अलसी से लिनेन वस्त्र बनते हैं। नदियों की तराई और परती भूमि में खस घास की खेती को बढ़ावा देने पर सहमति बनी ताकि अतिरिक्त आमदनी मिल सके।

प्रशिक्षण और किसान समूहों का गठन

उप परियोजना निदेशक शशिकांत झा ने किसान हित समूह और किसान सहायता समूह के गठन की प्रक्रिया समझाई। परियोजना निदेशक दीक्षा कुमारी ने प्रगतिशील किसानों को चिह्नित कर प्रशिक्षण और शैक्षणिक परिभ्रमण पर भेजने की जानकारी दी।

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