नवादा शिक्षा विभाग में वेतन घोटाला: दो कर्मियों पर FIR का आदेश

Ghazala Saheb14 October 20262 min read0 viewsBihar
नवादा शिक्षा विभाग में वेतन घोटाला: दो कर्मियों पर FIR का आदेश

बिहार के नवादा जिले से शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर वेतन फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद अब दो कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है।

जांच टीम की छापेमारी और दो कर्मियों पर गाज

नवादा में वेतन भुगतान में अनियमितता की शिकायतों के बाद, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के अधिकारी और शिक्षा विभाग के विशेष सचिव धर्मेंद्र कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम पहुंची। टीम ने विभाग के कार्यालय में जाकर वेतन भुगतान से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों की गहनता से पड़ताल की।

जांच के दौरान भुगतान प्रक्रिया में गंभीर खामियां पाई गईं। इस गड़बड़ी के लिए सीधे तौर पर दो कर्मियों को जिम्मेदार माना गया है। जांच टीम ने चेकर सतीश कुमार और मेकर रविन्द्र कुमार के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने का सख्त आदेश दिया है। इस कार्रवाई के बाद से शिक्षा विभाग के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, जिले में शिक्षकों के वेतन भुगतान में धांधली की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। शुरुआती रिपोर्टों में यह दावा किया गया था कि लगभग 69 शिक्षकों को उनके निर्धारित वेतन से कहीं अधिक राशि का भुगतान कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ही विशेष सचिव को जांच के लिए नवादा भेजा गया था।

जांच के दौरान क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक संजय कुमार चौधरी भी मौके पर मौजूद थे और उन्होंने भुगतान प्रक्रिया की बारीकियों को समझने में टीम की मदद की।

घोटाले के आंकड़ों पर संशय

हालांकि, इस मामले में आंकड़ों को लेकर अभी भी विरोधाभास बना हुआ है। जहां एक तरफ 69 शिक्षकों के वेतन में गड़बड़ी की बात कही जा रही है, वहीं दूसरी ओर कार्यालय के कुछ सूत्रों का दावा है कि जांच में केवल एक ही शिक्षक को निर्धारित राशि से अधिक भुगतान किए जाने का मामला मिला है।

जांच के मुख्य बिंदु:

  • जांच टीम का नेतृत्व IAS धर्मेंद्र कुमार ने किया।
  • चेकर सतीश कुमार और मेकर रविन्द्र कुमार पर FIR का आदेश।
  • 69 शिक्षकों के वेतन में गड़बड़ी की आशंका जताई गई है।
  • विभाग अब विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

फिलहाल, विभाग की विस्तृत आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि इस खेल में कितने शिक्षक शामिल हैं और इस फर्जीवाड़े के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है।

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