नवादा: नन्हे बच्चों ने सजाया छठ घाट, सीखा छठ पर्व का महत्व
नवादा के जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल में बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा में छठ पूजा की झांकी निकाली और पर्व की महिमा जानी।

नवादा के जीवन ज्योति पब्लिक स्कूल में बच्चों को छठ पर्व का महत्व समझाने के लिए एक भव्य महोत्सव का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को लोक आस्था के महापर्व और हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
पारंपरिक वेशभूषा में सजे नन्हे छठ व्रती
महोत्सव के दौरान विद्यालय परिसर में एक मनमोहक छठ घाट का दृश्य तैयार किया गया था। इसमें बच्चों ने पारंपरिक तरीके से पूजा की तैयारियों को जीवंत कर दिया। नन्हीं छात्राएं लाल, पीली और नारंगी रंग की साड़ियों और चुनरियों में सजी हुई थीं और वे छठ व्रती के रूप में नजर आ रही थीं। उनके हाथों में पूजा के सूप, दौरा, फल, ठेकुआ और गन्ना आकर्षण का केंद्र बने रहे। माथे पर सिंदूर लगाए इन बच्चों की मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों का दिल जीत लिया।
संस्कृति और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता का पर्व
विद्यालय के निदेशक राजेंद्र प्रसाद साहू और प्रबंध निदेशक रश्मि गुप्ता ने इस अवसर पर बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि छठ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह सूर्य उपासना, स्वच्छता, अनुशासन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का एक महान पर्व है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों को किताबी शिक्षा के साथ-साथ अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक मूल्यों की जानकारी देना भी अत्यंत आवश्यक है।
पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को छठ पूजा के चार दिवसीय अनुष्ठान—नहाय-खाय, खरना, संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य—के बारे में विस्तार से बताया गया। इसके साथ ही, बच्चों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करते हुए छठ घाटों की सफाई रखने और प्लास्टिक के उपयोग से परहेज करने का संदेश भी दिया गया। शिक्षिका आयुषी कुमारी और वंदना कुमारी के विशेष सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं की रक्षा का संकल्प लिया।