NDA की ऐतिहासिक जीत, महागठबंधन को जनता ने नकारा
एनडीए की ऐतिहासिक जीत पर जदयू अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि यह नीतीश कुमार के 20 वर्षों के सुशासन और विकास का प्रमाण है।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार सहित एनडीए के सभी विजयी प्रत्याशियों की जीत पर जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इस परिणाम को NDA की ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि जनता ने विकास के पथ को चुना है और विपक्ष को पूरी तरह नकार दिया है।
नीतीश कुमार के सुशासन पर अटूट विश्वास
उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि यह विजय हमारे सर्वमान्य नेता और 'विकास पुरुष' नीतीश कुमार के पिछले 20 वर्षों के सुशासन का प्रमाण है। उन्होंने बताया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार ने कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में काम किया है, जिससे मतदाताओं में उत्साह देखा गया:
- युवाओं को रोजगार: युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने के प्रयास किए गए।
- शिक्षा में सुधार: शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाए गए।
- शिक्षकों के हित: शिक्षकों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाए गए।
महागठबंधन को मिला बड़ा झटका
प्रदेश अध्यक्ष ने विपक्षी गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि तथाकथित महागठबंधन एनडीए को चुनौती देने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नकारात्मक रवैये और खोखले दावों के मुकाबले जनता ने सुशासन, विकास और जनहित को प्राथमिकता दी है।
"यह जनसमर्थन बिहार को प्रगति के नए आयामों तक ले जाने के एनडीए के संकल्प को और मजबूती प्रदान करता है।"
विकास की जोड़ी पर जताया भरोसा
कुशवाहा ने कहा कि बिहार के प्रबुद्ध और बुद्धिजीवी मतदाताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और लोकप्रिय स्वास्थ्य मंत्री निशांत की विकासपरक जोड़ी पर भी अपना भरोसा जताया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह चुनाव परिणाम सिद्ध करता है कि बिहार में एनडीए के प्रति जनता का विश्वास दिन-प्रतिदिन और अधिक मजबूत होता जा रहा है।