NEET UG पेपर लीक मामला: कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा, 14 आरोपियों पर संकट
NEET UG पेपर लीक मामले में CBI कोर्ट ने आरोपियों पर आरोप तय करने का आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब 18 नवंबर को कोर्ट फैसला सुनाएगा।

नई दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को NEET UG पेपर लीक मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ लिया है। विशेष सीबीआई न्यायाधीश अजय गुप्ता ने आरोपियों पर आरोप तय करने (framing of charges) के संबंध में अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में कोर्ट का फैसला 18 नवंबर को आने की उम्मीद है।
14 आरोपियों के खिलाफ CBI की जांच
इस मामले में सीबीआई ने कुल 14 आरोपियों के नाम शामिल किए हैं। जांच एजेंसी ने जुलाई में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी, जिसके बाद 14वें आरोपी, शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ एक पूरक चार्जशीट (supplementary charge sheet) दाखिल की गई। सूर्यवंशी को 2 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था।
कैसे हुआ पेपर लीक का खेल?
जांच के दौरान सीबीआई ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सीबीआई के अनुसार, आरोपी शेषराव बजरंग सूर्यवंशी, जो पुणे, महाराष्ट्र का रहने वाला है, आरोपी शुभम खैरनार का करीबी सहयोगी है। सूर्यवंशी पर आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को NEET UG के लीक हुए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराए थे।
सीबीआई ने अदालत में बताया कि इस आपराधिक साजिश के दौरान निम्नलिखित गतिविधियां अंजाम दी गईं:
- पैसों की वसूली: आरोपी सूर्यवंशी ने उम्मीदवारों और उनके परिवारों से पेपर देने के बदले मोटी रकम वसूली।
- नांदेड़ में ठिकाना: उम्मीदवारों को नांदेड़ स्थित एक घर में लाया गया, जहाँ उन्हें कथित तौर पर लीक हुए प्रश्न पत्र दिए गए।
- दस्तावेजों की ज़ब्ती: बाद में भुगतान सुनिश्चित करने के लिए आरोपियों ने उम्मीदवारों के मूल शैक्षिक प्रमाण पत्र और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज भी ज़ब्त कर लिए।
इन आरोपियों पर भी है शिकंजा
मुख्य चार्जशीट में शामिल अन्य 13 आरोपियों के नाम भी जांच के दायरे में हैं, जिनमें शामिल हैं:
- मनीषा मंधारे
- मनीषा संजय हलदार
- मनीषा वाघमारे
- प्रहलाद कुलकर्णी
- शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर
- डॉ. मनोज शिरुरे
- तेजस हर्षद शाह
- शुभम खैरनार
- धनंजय लोखंडे
- यश यादव
- मांगीलाल बीवल
- दिनेश बीवल
- विकास बीवल
सीबीआई ने अदालत में दलील दी है कि गिरफ्तार आरोपी और उसके सहयोगियों के खिलाफ चल रही जांच इस समय एक अत्यंत महत्वपूर्ण और निर्णायक चरण में है।