पटना जंक्शन रेल बाईपास: भीड़ से मिलेगी बड़ी राहत!
नियोरा-दनियवान रेल बाईपास के शुरू होने से पटना जंक्शन पर ट्रैफिक 20% कम होगा। दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों का रास्ता बदलेगा।

पटना जंक्शन पर ट्रेनों की भारी भीड़ से निपटने के लिए नियोरा-दनियवान रेल बाईपास परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस नए बाईपास के शुरू होने से पटना जंक्शन पर रेल यातायात का दबाव लगभग 20 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि ट्रेनों के परिचालन में आने वाली बाधाएं भी दूर होंगी।
दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों का बदलेगा रास्ता
इस रणनीतिक बदलाव के तहत, दिल्ली-हावड़ा रूट पर चलने वाली कई एक्सप्रेस ट्रेनों को अब पटना जंक्शन के बजाय नियोरा-दनियवान बाईपास के माध्यम से भेजा जाएगा। 42 किलोमीटर लंबे इस नियोरा-दनियवान प्रोजेक्ट का काम पूरा हो चुका है। हाल ही में, 20 किलोमीटर लंबे नियोरा-जटडुमरी रेल खंड का आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया गया है।
रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा 8 अक्टूबर, 2026 को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से स्पीड ट्रायल का सफल परीक्षण किया गया। इसके बाद, CRS ने नियोरा-जटडुमरी लाइन पर ट्रेनों के संचालन के लिए औपचारिक मंजूरी दे दी है। उम्मीद है कि 15 अक्टूबर, 2026 से इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।
मालगाड़ियों के लिए भी सुगम होगा सफर
पूर्व मध्य रेलवे (ECR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) सरस्वती चंद्र के अनुसार, यह नया बाईपास दानापुर-पटना-किउल-झाझा जैसे व्यस्त रूट पर दबाव कम करने के लिए बनाया गया है। इस परियोजना का क्रियान्वयन दानापुर मंडल द्वारा किया गया है।
अब पंडित दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, आरा या बक्सर से निकलने वाली मालगाड़ियों को पटना जंक्शन से होकर गुजरने की आवश्यकता नहीं होगी। इसके बजाय, इन ट्रेनों को नियोरा के माध्यम से जटडुमरी भेजा जाएगा, जो दनियवान जंक्शन पहुंचेगी। वहां से ये ट्रेनें बिहार शरीफ, बरबीघा, शेखपुरा और किउल की ओर बढ़ सकेंगी।
नए स्टेशन और ठहराव की सुविधा
नियोरा-जटडुमरी खंड के बुनियादी ढांचे में सुधार के तहत कई महत्वपूर्ण काम किए गए हैं:
- गोनपुरा: एक नया स्टेशन बनाया गया है।
- नए ठहराव: यात्रियों की सुविधा के लिए अधपा, चमुचक और बाजीपुर में तीन नए स्टॉपेज दिए गए हैं।
50 लाख लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
यह परियोजना पटना, नालंदा और शेखपुरा जिलों के लगभग 50 लाख निवासियों के लिए अधिक कुशल, सुरक्षित और लागत प्रभावी रेल परिवहन सुनिश्चित करेगी। इस बाईपास के बनने से मुख्य लाइन पर यात्री ट्रेनों के लिए अतिरिक्त क्षमता भी उपलब्ध होगी, जिससे भविष्य में ट्रेनों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।