नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में अलर्ट: उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा- सतर्क रहें लेकिन घबराएं नहीं

Ghazala Saheb26 August 20262 min read50 viewsBihar
नेपाल में बाढ़ के बाद बिहार में अलर्ट: उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा- सतर्क रहें लेकिन घबराएं नहीं

नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि अगले पांच-छह घंटे से लेकर पूरी रात बिहार में अलर्ट रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि समस्या पहले की तुलना में बड़ी है, लेकिन फिलहाल स्थिति नियंत्रण में नियंत्रण में है और सरकार पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

मुख्य बिंदु:

  • नेपाल के तिब्बत प्रभाग में ग्लेशियर फटने से पानी तेजी से बढ़ रहा है।
  • गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की आशंका है।
  • सरकार ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनात की है।
  • कोसी नदी में पानी बढ़ने की कोई सूचना नहीं है।

गंडक नदी पर दबाव बढ़ने की आशंका

विजय कुमार चौधरी ने बताया कि वाल्मीकिनगर बराज तक नेपाल से आने वाले पानी को पहुंचने में करीब दो से तीन घंटे लग सकते हैं। संभावित स्थिति को देखते हुए सरकार ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए अतिरिक्त टीमों की तैनाती की है और आवश्यक सामग्री उपलब्ध करा दी गई है।

नेपाल से मिली जानकारी

नेपाल सरकार की ओर से स्थिति का आकलन कर भारत को जानकारी दी गई है। नेपाल के तिब्बत प्रभाग में ग्लेशियर फटने के कारण पानी तेजी से बढ़ रहा है, जो त्रिशूली नदी के रास्ते देवघाट और फिर गंडक नदी में पहुंचेगा। हालांकि, गंडक नदी का जलस्तर फिलहाल अपेक्षाकृत कम है।

सरकारी तैयारी और निगरानी

मौजूदा आकलन के अनुसार करीब ढाई लाख क्यूसेक पानी गंडक बराज से गुजरने की संभावना है। जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और अधिकारियों व राहत टीमों को निर्देश दिए गए हैं। उपमुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें लेकिन घबराएं नहीं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे हैं।

राहत और बचाव कार्य

उन्होंने यह स्पष्ट किया कि फिलहाल कोसी नदी में पानी बढ़ने की कोई सूचना नहीं है। सरकार की प्राथमिकता संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में समय रहते राहत और बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करना है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी लगातार जारी है, और आने वाले कुछ घंटे गंडक नदी से जुड़े इलाकों के लिए महत्वपूर्ण हैं।

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