तेलंगाना की सांस्कृतिक पहचान बनेंगे नए एयरपोर्ट्स, सीएम रेवंत रेड्डी ने दिए खास निर्देश

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने राज्य के बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। उन्होंने वारंगल और आदिलाबाद में बन रहे नए एयरपोर्ट्स और दिल्ली में निर्माणाधीन तेलंगाना भवन के डिजाइन को लेकर कड़े निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ये निर्माण केवल आधुनिक इमारतें नहीं, बल्कि तेलंगाना की समृद्ध संस्कृति और गौरवशाली इतिहास के प्रतीक होने चाहिए।
काकतीय कला और ऐतिहासिक विरासत का दिखेगा संगम
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्माण कार्यों में तेलंगाना की अद्वितीय वास्तुकला को प्रमुखता से शामिल किया जाए। उन्होंने राज्य की विरासत को जीवंत करने के लिए निम्नलिखित ऐतिहासिक शैलियों के अध्ययन और उपयोग पर जोर दिया:
- काकतीय कला तोरणम की भव्यता
- रामप्पा मंदिर की अद्भुत मूर्तिकला
- पिल्लमर्री मंदिर की ऐतिहासिक वास्तुकला
सीएम का मानना है कि इन सांस्कृतिक तत्वों को नए निर्माणों में समाहित करने से तेलंगाना की पहचान पूरी दुनिया में और भी मजबूती से उभरेगी।
विभागों के बीच तालमेल पर मुख्यमंत्री की चेतावनी
बैठक के दौरान एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी कई तकनीकी और लॉजिस्टिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने बिजली की लाइनों को हटाने, सड़कों और जलधाराओं के मार्ग परिवर्तन, और बीएसएनएल लाइनों व पेयजल आपूर्ति पाइपलाइनों को स्थानांतरित करने जैसी समस्याओं की जानकारी दी।
"यदि विभिन्न विभाग अन्य विभागों के साथ उचित समन्वय किए बिना अपने हिस्से का काम करते हैं, तो इससे भविष्य में बहुत सारी जटिलताएं और समस्याएं पैदा हो सकती हैं।" — मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी
मुख्यमंत्री ने ऊर्जा, आर एंड बी (R&B), पेयजल आपूर्ति और सिंचाई विभागों को बीएसएनएल अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने का आदेश दिया है, ताकि सभी कार्य बिना किसी रुकावट के एक साथ और सुचारू रूप से संपन्न हो सकें।
कनेक्टिविटी और भविष्य की जरूरतों का खाका
परियोजनाओं की दीर्घकालिक सफलता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा:
- एयरपोर्ट परिसर की दीवारों के साथ मजबूत सड़कों का निर्माण करना।
- इन सड़कों को नजदीकी जिला, राज्य और राष्ट्रीय राजमार्गों से कुशलतापूर्वक जोड़ना।
- वर्तमान जरूरतों के साथ-साथ भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर योजना बनाना।
- जल निकायों के मार्ग परिवर्तन और उनके प्रबंधन के लिए आवश्यक टैंकों का निर्माण।
बैठक में शामिल रहे प्रमुख अधिकारी
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य के सड़क एवं भवन मंत्री कोमटिरेड्डी वेंकट रेड्डी, सांसद वेम नरेंद्र रेड्डी और चामला किरण कुमार रेड्डी, सरकारी व्हिप बिरला आयलैया, मुख्य सचिव संजय जाजू, सीएम के प्रधान सचिव एन. श्रीधर सहित ऊर्जा, योजना, और विमानन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ मौजूद रहे।