उत्तर भारत के राज्यों में मानसूनी बारिश से जहां राहत के साथ आफत भी बरपी है। बारिश होने से नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। मैदानी इलाकों में जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जबकि पहाड़ों में भूस्खलन के साथ ही सड़कें टूटने लगी हैं। यही नहीं बारिश के बाद उमस से लोगों को काफी परेशानी हो रही है। उत्तर प्रदेश में मानसूनी बारिश का असर दिखने लगा है। लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश से गुरुवार को नदियों का जलस्तर और बढ़ गया। बहराइच, बलरामपुर और बाराबंकी जिले के तटवर्ती गांवों में बाढ़ के साथ कटान का खतरा भी मंडराने लगा है। हालांकि प्रशासन ने बचाव के लिए अलर्ट का दावा किया है।सबसे ज्यादा खराब स्थिति बहराइच की है। यहां नेपाल में हो रही बारिश का असर देखा जा रहा है।

वहीं 13 जुलाई तक बिहार के अधिकांश हिस्सों में चक्रवात के साथ बारिश होने की संभावना है। उत्तर बिहार और गंगा के तटीय क्षेत्र में कुछ जगहों पर भारी वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम मानसून बिहार में 14 जुलाई से कमजोर पड़ेगा।

पिछले कई दिनों से उत्तर बंगाल के विस्तृत इलाके में लगातार हो रही बारिश की वजह से बीरभूम में बाढ़ के हालात बन गए हैं। जिले से होकर बहने वाली अजय नदी में पानी खतरे का निशान पार करते हुए आसपास के गांवों में घुस गया है। राज्य आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से बताया गया है कि जिले के 50 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

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