दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों का इस्तेमाल? NHRC ने MP सरकार से मांगा जवाब

दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों को पैसे देकर शामिल करने और नारे लगवाने के आरोपों पर NHRC ने मध्य प्रदेश सरकार से जवाब मांगा है।

Ghazala Saheb23 October 20262 min read0 viewsBihar
दिग्विजय सिंह की यात्रा में बच्चों का इस्तेमाल? NHRC ने MP सरकार से मांगा जवाब

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मध्य प्रदेश सरकार को एक बेहद गंभीर नोटिस जारी किया है। यह मामला कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की यात्रा से जुड़ा है, जिसमें बच्चों के कथित शोषण और उनके राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

क्या बच्चों को पैसे देकर भीड़ जुटाई जा रही है?

आयोग को प्राप्त एक शिकायत में यह दावा किया गया है कि दिग्विजय सिंह की यात्रा में भीड़ बढ़ाने के उद्देश्य से बच्चों को पैसे का लालच दिया जा रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बच्चों को कुछ विशेष व्यवस्थाओं के माध्यम से यात्रा में शामिल किया जा रहा है, जिसमें संभवतः मौद्रिक भुगतान (पैसे देना) शामिल है।

आरोप केवल भीड़ जुटाने तक ही सीमित नहीं है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इन बच्चों का उपयोग आपत्तिजनक राजनीतिक नारे लगाने के लिए किया जा रहा है। बच्चों से इस तरह की नारेबाजी करवाना मानवाधिकारों के उल्लंघन का गंभीर मामला माना जा रहा है।

NHRC की सख्त कार्रवाई और 15 दिन की समय सीमा

NHRC के सदस्य प्रियांक कनूंगो ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग की ओर से कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि आयोग ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) को इस पूरे मामले की गहन जांच करने का निर्देश दिया है।

"हमने इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों को मामले की उचित जांच करने और 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।"

आयोग ने राज्य प्रशासन से 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (कार्यवाही रिपोर्ट) मांगी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि बच्चों के इस तरह के कथित इस्तेमाल को रोकने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया की भी होगी जांच

इस विवाद में केवल जमीनी गतिविधियों पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल साक्ष्यों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) से भी यह जांच करने को कहा गया है कि क्या सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो और तस्वीरें प्रसारित की जा रही हैं, जिनमें बच्चों को इस तरह की गतिविधियों में शामिल दिखाया गया है।

Share:

Comments

Leave a comment