पंजाब रेलवे ब्लास्ट केस: NIA ने 6 आरोपियों पर दाखिल की चार्जशीट
पंजाब के शंभू-राजपुरा रेलवे लाइन ब्लास्ट मामले में NIA ने 6 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला KZF आतंकी संगठन से जुड़ा है।

पंजाब रेलवे ब्लास्ट केस में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह मामला 27 अप्रैल को शंभू और राजपुरा स्टेशनों के बीच रेलवे लाइन पर हुए धमाके से जुड़ा है, जिसमें एक खालिस्तानी ऑपरेटिव की मौत हो गई थी।
शंभू और राजपुरा के बीच धमाके की साजिश
जांच के अनुसार, यह धमाका 27 अप्रैल को डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (DFCCIL) की रेलवे लाइन पर हुआ था। इस विस्फोट के दौरान खालिस्तानी ऑपरेटिव जगरूप सिंह की मौत हो गई थी, जो कथित तौर पर विस्फोटक सामग्री तैयार कर रहा था।
इन 6 आरोपियों पर गिरी गाज
NIA ने मोहाली की विशेष अदालत में निम्नलिखित आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट पेश की है:
- गुरजिंदर सिंह उर्फ बींत बाबा
- सतनाम सिंह
- प्रदीप सिंह उर्फ खालसा
- कुलविंदर सिंह उर्फ बग्गा
- गुरप्रीत सिंह उर्फ गोपी
- मनजीत सिंह
आतंकी संगठन KZF और पाकिस्तान कनेक्शन
NIA की जांच में इस पूरी साजिश के पीछे एक खतरनाक नेटवर्क का पता चला है। एजेंसी के मुताबिक, यह साजिश खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (KZF) नामक प्रतिबंधित आतंकी संगठन के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए रची गई थी। इस साजिश के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं, जहाँ खालिस्तानी संगठन से जुड़े रंजीत सिंह उर्फ नीता ने इस योजना को अंजाम देने का निर्देश दिया था। रंजीत सिंह को एक नामित आतंकवादी घोषित किया जा चुका है।
जांच में यह भी सामने आया है कि इस आतंकी सिंडिकेट का मुख्य लक्ष्य पंजाब में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना, कानून व्यवस्था को अस्थिर करना और खालिस्तानी विचारधारा को बढ़ावा देना था। यह समूह आतंकी गतिविधियों के लिए धन जुटाने, हथियार और विस्फोटक हासिल करने और देश की अखंडता को चुनौती देने में शामिल था।
इन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
आरोपियों के खिलाफ कई सख्त कानूनों के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS)
- आर्म्स एक्ट
- विस्फोटक पदार्थ अधिनियम
- रेलवे अधिनियम
- सार्वजनिक संपत्ति नुकसान रोकथाम अधिनियम
- यूएपीए (UAPA)
एजेंसी ने बताया कि मामले की आगे की जांच अभी भी जारी है।