संस्कृत ओलम्पियाड: बिहार के निशान्त कुमार ने किया कमाल, राज्य में रहे अव्वल

दरभंगा के ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय (LNMU) के एक होनहार शोधार्थी ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग के शोधार्थी निशान्त कुमार ने केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली द्वारा आयोजित शोध स्तरीय संस्कृत ओलम्पियाड में बिहार में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उनकी इस सफलता से पूरे मिथिलांचल और बिहार का गौरव बढ़ा है।
हजारों प्रतिभागियों के बीच हासिल की बड़ी जीत
यह प्रतियोगिता ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की गई थी, जिसमें देश-विदेश के हजारों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का स्तर काफी चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि इसमें यूजीसी-नेट (UGC-NET) एवं जेआरएफ (JRF) स्तर के 100 तथ्यपरक प्रश्न पूछे गए थे। निशान्त कुमार ने निर्धारित समय के भीतर इन कठिन सवालों के सटीक उत्तर देते हुए 86 अंक प्राप्त किए, जो बिहार में किसी भी प्रतिभागी द्वारा हासिल किए गए सर्वाधिक अंक हैं।
स्वर्ण पदक से हुआ भव्य सम्मान
निशान्त की इस शानदार उपलब्धि पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय की कुलसचिव डॉ. दिव्या रानी हंसदा ने उन्हें अपने कार्यालय में आमंत्रित किया। उन्होंने निशान्त को स्वर्ण पदक पहनाकर सम्मानित किया। इसके साथ ही, उन्हें केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली की ओर से भेजा गया प्रमाणपत्र, कलम और पैड भी प्रदान किया गया। डॉ. हंसदा ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें बधाई दी।
सफलता का श्रेय गुरुजनों और माता-पिता को
अपनी इस बड़ी कामयाबी पर खुशी जाहिर करते हुए निशान्त कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शोध पर्यवेक्षक डॉ. कृष्णकान्त झा को दिया। इसके अलावा, उन्होंने अपनी माता विभा देवी और पिता कामेश्वर ठाकुर के सहयोग और मार्गदर्शन को भी अपनी जीत का आधार बताया। उनकी इस उपलब्धि पर गुरुजनों, परिचितों, पड़ोसियों और शुभचिंतकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें ढेरों शुभकामनाएं दी हैं।