बिहार बनेगा देश का बड़ा इन्वेस्टमेंट हब, नितिन गडकरी ने भरी हुंकार

पटना के होटल ताज सिटी सेंटर में आयोजित 'राइजिंग बिहार इन्वेस्टर समिट 2026' में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार की आर्थिक क्षमता की जमकर सराहना की। इस समिट का विषय "द इमर्जिंग इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन ऑफ इंडिया" रखा गया था। गडकरी ने कहा कि बिहार में उद्योग, उद्यम और नवाचार के लिए एक बड़ा केंद्र बनने की अपार संभावनाएं हैं।
बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी पर जोर
नितिन गडकरी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि बिहार के आर्थिक परिवर्तन में बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य में सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे के विकास से बाजारों तक पहुंच मजबूत होगी, जिससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। गडकरी ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार बिहार में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
निवेशकों के लिए विशेष प्रोत्साहन और सुविधाएं
समिट के दौरान बिहार सरकार द्वारा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए तैयार किए गए रोडमैप पर भी चर्चा हुई। राज्य सरकार ने निवेशकों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन पैकेज 2025: इस पैकेज के माध्यम से पात्र परियोजनाओं को वित्तीय लाभ, सब्सिडी और भूमि रियायतें दी जा रही हैं।
- औद्योगिक क्षेत्र: निवेश को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 100 से अधिक औद्योगिक क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है।
₹5 लाख करोड़ के निवेश का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
इस अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को बिहार की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया और उन्हें पूर्ण सरकारी सहयोग का आश्वासन दिया। समिट की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने इस साल नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने का एक बेहद महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री ने उद्योगों को बिहार में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया है।
किन क्षेत्रों में दिख रहा है विकास का मौका?
समिट में बिहार के विभिन्न उभरते हुए क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जहाँ निवेश की सबसे अधिक संभावनाएं हैं:
- उद्योग और विनिर्माण
- ऊर्जा और बिजली क्षेत्र
- शहरी विकास और आवास
- सड़कें