नितिन नबीन का कांग्रेस पर हमला: 'संस्थाओं को कमजोर कर रही है कांग्रेस'
भाजपा नेता नितिन नबीन ने कांग्रेस पर देश में अराजकता फैलाने और संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया।

भाजपा के नेता नितिन नबीन ने रांची में आयोजित पार्टी की राज्य कार्यसमिति की बैठक के दौरान विपक्षी दल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने और संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने की कोशिश कर रही है।
छात्रों के मुद्दों पर कांग्रेस की चुप्पी
नबीन ने कहा कि कांग्रेस केवल दिल्ली में बैठकर युवाओं और छात्रों की बात करती है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है। उन्होंने कहा, "जब झारखंड में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब कांग्रेस के स्थानीय नेताओं ने उनके समर्थन में एक शब्द भी नहीं कहा। कांग्रेस के शासनकाल में मेडिकल परीक्षा प्रणाली में माफिया राज का बोलबाला था, जिसे हमने पूरी तरह बदल दिया है।"
संविधान और लोकतंत्र पर प्रहार
"जो लोग आज संविधान की दुहाई दे रहे हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि संविधान के पन्ने फटने का काम कांग्रेस और उसके नेताओं ने ही किया है।"
नबीन ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने कभी संविधान के अनुसार शासन नहीं किया, बल्कि हमेशा देश को अपने परिवार के नियमों के अनुसार चलाने की कोशिश की है। उन्होंने आपातकाल और विभिन्न राज्यों में राष्ट्रपति शासन लगाने जैसे ऐतिहासिक उदाहरणों का जिक्र करते हुए कांग्रेस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।
राहुल गांधी पर सीधा निशाना
कांग्रेस नेता राहुल गांधी को संबोधित करते हुए नबीन ने कहा कि वे अक्सर देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाते हैं, लेकिन जब उनकी सरकार थी, तब उन्होंने कभी इन संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल नहीं उठाए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कांग्रेस की ताकत का एक बड़ा हिस्सा देश के बाहर से आता है और वे देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बिहार का चुनावी मामला और विकास
बिहार का जिक्र करते हुए नबीन ने कहा कि जब बिहार में चुनावी सूची के पुनरीक्षण का कार्य चल रहा था और कांग्रेस ने वोट चोरी का आरोप लगाया, तब उन्होंने किसी भी जिले में कोई दावा या आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। उन्होंने अंत में कहा कि 140 करोड़ भारतीयों का भरोसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर है और कुछ लोग भारत की विकास यात्रा को रोकने के लिए लगातार साजिशें रच रहे हैं।