विपक्ष को हराने का समय आ गया है: नितिन नवीन का बड़ा हमला
भाजपा नेता नितिन नवीन ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर बिहार के जनादेश का अपमान करने का आरोप लगाया और कहा कि अब विपक्ष को हराने का समय है।

बिहार के भागलपुर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव पर बिहार के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाया है।
नितिन नवीन ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च का नेतृत्व करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि इन विपक्षी नेताओं को निर्णायक रूप से पराजित किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता द्वारा नकार दिए जाने के बाद अब ये नेता संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
जनादेश का अपमान करने वालों को जनता सिखाएगी सबक
नितिन नवीन ने कहा, "बिहार की इस पवित्र धरती से जो संदेश निकलकर आ रहा है, वह स्पष्ट है कि अब इन विपक्षी नेताओं को निर्णायक रूप से हराने का समय आ गया है। अगर कांग्रेस पार्टी अब भी नहीं सुधरी, तो जनता उन्हें ऐसा सबक सिखाएगी कि भविष्य में कांग्रेस का नाम लेने वाला भी कोई नहीं बचेगा।"
उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव द्वारा चुनावी नतीजों पर सवाल उठाना वास्तव में बिहार की जनता का अपमान है। उन्होंने कहा कि जनता ने जो लोकतांत्रिक फैसला दिया है, उसे चुनौती देना सीधे तौर पर जनता के सम्मान को ठेस पहुँचाना है।
चुनावी प्रक्रिया और भ्रामक सूचनाओं पर घेरा
विशेष गहन संशोधन (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी भाजपा नेता ने विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने के लिए 60 दिनों का समय दिया गया था, लेकिन कांग्रेस और आरजेडी ने इस दौरान कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई।
नितिन नवीन ने आरोप लगाया कि "जब अवसर था, तब कांग्रेस और आरजेडी के पास कार्यकर्ता ही नहीं थे जो कोई शिकायत दर्ज करा सकें। अब जब पूरी प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है, तो वे केवल झूठ फैला रहे हैं और मगरमच्छ के आंसू बहा रहे हैं।"
विपक्षी नेताओं की घेराबंदी
नितिन नवीन ने केवल बिहार ही नहीं, बल्कि अन्य राज्यों के प्रमुख विपक्षी नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने तेजस्वी यादव के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी और दिल्ली में आम आदमी पार्टी का नाम लेते हुए कहा कि जनता द्वारा खारिज किए जाने के बाद ये सभी नेता अब देश की संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने भाजपा की जीत का श्रेय विकास, जन कल्याण और राष्ट्रीय सुरक्षा को देते हुए कहा कि 2019 और 2024 की सफलता किसी व्यक्ति विशेष की वजह से नहीं, बल्कि देश की जनता के भरोसे और पार्टी के एजेंडे की वजह से मिली है।