राहुल गांधी अराजकतावादी और सत्ता परिवर्तन के समर्थक: नित्यानंद राय

केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने राहुल गांधी पर सत्ता परिवर्तन और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने SIR प्रक्रिया पर भी सफाई दी।

Ghazala Saheb5 November 20263 min read0 viewsBihar
राहुल गांधी अराजकतावादी और सत्ता परिवर्तन के समर्थक: नित्यानंद राय

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी पर बेहद तीखा हमला बोला है। गुजरात के सूरत में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के नेतृत्व में दिल्ली की सड़कों पर अराजकता का माहौल पैदा किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है।

फर्जी वोटरों को बचाने की साजिश का आरोप

नित्यानंद राय ने 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) प्रक्रिया का बचाव करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस प्रक्रिया का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि वे उन ताकतों का समर्थन और संरक्षण कर रहे हैं जो देश में सत्ता परिवर्तन (Regime Change) की वकालत कर रहे हैं। राय ने दावा किया कि राहुल गांधी SIR का इस्तेमाल विदेशी घुसपैठियों को बचाने के एक बहाने के रूप में कर रहे हैं।

मंत्री ने SIR के तहत हटाए गए नामों के आंकड़े पेश करते हुए बताया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से कुल 13 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इसमें शामिल हैं:

  • 6.3 करोड़ लोग: जो स्थायी रूप से अपना स्थान बदल चुके हैं।
  • 3 करोड़ लोग: जो अनुपस्थित पाए गए।
  • 2.8 करोड़ लोग: जिनकी मृत्यु हो चुकी है।
  • 1 करोड़ प्रविष्टियां: जो डुप्लिकेट थीं।

राय ने सवाल उठाया कि क्या कांग्रेस पार्टी अब इन 13 करोड़ फर्जी मतदाताओं को बचाने की कोशिश में लगी है?

कांग्रेस की हार और दोहरी राजनीति पर सवाल

नित्यानंद राय ने कांग्रेस के चुनावी प्रदर्शन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि 2014 के बाद से राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने हारों का एक शतक पूरा कर लिया है। उन्होंने पूछा कि राहुल गांधी 2014 से 2025 के बीच विधानसभा चुनावों में मिली 56 हारों पर चुप्पी क्यों साधे हुए हैं? उन्होंने सवाल किया कि क्या देश की जनता ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया है?

विपक्ष के दोहरे मापदंडों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और केरल में चुनाव जीते थे, तब चुनाव आयोग और SIR प्रक्रिया पूरी तरह स्वीकार्य थी। लेकिन जैसे ही भाजपा ने विभिन्न राज्यों में जीत दर्ज की, कांग्रेस ने अचानक संस्थाओं पर सवाल उठाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी का यह रवैया लोकतंत्र में बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।

विपक्षी दिग्गजों को घेरा

केंद्रीय मंत्री ने केवल राहुल गांधी ही नहीं, बल्कि तेजस्वी यादव, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव को भी निशाने पर लिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए पूछा कि क्या इन नेताओं को घुसपैठियों के माध्यम से अवैध वोट जोड़ने की सच्चाई नहीं पता? उन्होंने कहा कि यदि विपक्षी नेता वास्तव में जनहित की राजनीति करते, तो उन्हें पश्चिम बंगाल, बिहार और गुजरात जैसे राज्यों में इतनी हार का सामना नहीं करना पड़ता।

नित्यानंद राय ने अंत में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं, उन्हें कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने विपक्षी दलों को सलाह दी कि वे विदेशी तत्वों के हाथों की कठपुतली बनने के बजाय देश के लोकतंत्र में विश्वास रखें।

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