राष्ट्रीय एकता दिवस: रायगडा से विशेष ट्रेन रवाना, नक्सल मुक्त भारत का संकल्प
ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर रायगडा से विशेष ट्रेन रवाना की और नक्सल मुक्त भारत का संकल्प लिया।

ओडिशा के रायगडा रेलवे स्टेशन से राष्ट्रीय एकता दिवस के पावन अवसर पर एक विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान राज्य की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने देश को नक्सलवाद से मुक्त करने और विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का एक बड़ा आह्वान किया।
नक्सल मुक्त भारत और समावेशी विकास का लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री प्रवती परिडा ने 'एकता यात्रा' के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि हमारा साझा लक्ष्य एक ऐसा भारत बनाना है जो नक्सलवाद की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि जिन क्षेत्रों में अब नक्सली हिंसा का खतरा समाप्त हो चुका है, उन्हें राष्ट्र की प्रगति में सक्रिय रूप से शामिल करना अनिवार्य है।
उन्होंने अपने संबोधन में कहा, "हम एक नक्सल मुक्त भारत प्राप्त करने और समावेशी विकास को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करने का संकल्प लेंगे। यह एकता यात्रा एक ऐतिहासिक अवसर साबित होगी, जहाँ देश के उन सभी जिलों के लोग, जो नक्सलवाद से मुक्त हो चुके हैं, प्रधानमंत्री के साथ मिलकर एक एकीकृत भारत का नारा लगाएंगे।"
सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती का महत्व
यह विशेष ट्रेन और यात्रा सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित की गई है। भारत में हर साल 31 अक्टूबर को सरदार पटेल के जन्मदिवस को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिन देश के राजनीतिक और राष्ट्रीय एकीकरण में उनकी अद्वितीय भूमिका को सम्मान देने के लिए समर्पित है।
लौह पुरुष: आधुनिक भारत के निर्माता
सरदार वल्लभभाई पटेल, जिन्हें भारत का 'लौह पुरुष' कहा जाता है, देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। स्वतंत्रता के बाद उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती देश की अखंडता को बनाए रखना था।
- रियासतों का एकीकरण: उन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एकजुट करने का ऐतिहासिक कार्य किया।
- कूटनीतिक कौशल: उन्होंने कूटनीतिक बातचीत और प्रशासनिक दृढ़ता का उपयोग करके देश को बिखरने से बचाया।
- अखंड भारत की नींव: उनके प्रयासों के कारण ही आज हम एक अखंड और शक्तिशाली भारत के रूप में विश्व पटल पर खड़े हैं।
इस विशेष ट्रेन के माध्यम से एकता का संदेश फैलाते हुए, सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि विकास और सुरक्षा ही राष्ट्र की एकता के दो सबसे मजबूत स्तंभ हैं।