पीएम मोदी से मिले ओडिशा के राज्यपाल, राज्य के विकास पर हुई अहम चर्चा

ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंबमपाटी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के दौरान ओडिशा के विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को राज्य में केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और उनकी वर्तमान प्रगति के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
केंद्रीय योजनाओं की प्रगति पर हुई बात
मुलाकात के दौरान, राज्यपाल कंबमपाटी ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि ओडिशा में केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं को किस तरह से धरातल पर उतारा जा रहा है। उन्होंने राज्य के विकास की दिशा में हो रहे कार्यों और भविष्य की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया। इस विशेष अवसर पर प्रधानमंत्री और राज्यपाल ने एक-दूसरे को स्मृति चिह्न भी भेंट किए। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' के माध्यम से इस मुलाकात की आधिकारिक पुष्टि की है।
ओडिशा लोक भवन को मिला ऐतिहासिक सम्मान
इस बैठक में एक और बड़ी उपलब्धि साझा की गई, जो ओडिशा के लिए गौरव का विषय है। राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को बताया कि ओडिशा लोक भवन को हाल ही में इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) द्वारा 'प्लेटिनम सर्टिफिकेशन' से सम्मानित किया गया है।
यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि ओडिशा लोक भवन भारत का पहला ऐसा लोक भवन बन गया है जिसे यह सम्मान मिला है। इसके अलावा, यह संशोधित IGBC ग्रीन कैंपस रेटिंग सिस्टम के तहत उच्चतम रेटिंग प्राप्त करने वाला देश का पहला कैंपस भी है।
सस्टेनेबिलिटी का नया वैश्विक उदाहरण
ओडिशा लोक भवन ने पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता (sustainability) की दिशा में एक मिसाल पेश की है। इसकी कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- सौर ऊर्जा का उपयोग: लोक भवन में 635 kWp की विशाल सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की गई है।
- इलेक्ट्रिक कारकाडे: यहाँ आधिकारिक कार्यों के लिए पूरी तरह से इलेक्ट्रिक वाहनों के कारकाडे का उपयोग किया जा रहा है।
इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सार्वजनिक संस्थान कैसे आधुनिक तकनीक और पर्यावरण के अनुकूल संसाधनों का उपयोग करके स्थिरता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकते हैं। अब ओडिशा लोक भवन को सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के लिए एक रोल मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।