ओम बिरला और डेविड मैकैलिस्टर की मुलाकात, भारत-EU संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यूरोपीय संसद के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर भारत-EU संबंधों और संसदीय कूटनीति पर चर्चा की।

Ghazala Saheb27 October 20262 min read0 viewsBihar
ओम बिरला और डेविड मैकैलिस्टर की मुलाकात, भारत-EU संबंधों को मिलेगी नई मजबूती

नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने यूरोपीय संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष डेविड मैकैलिस्टर के नेतृत्व में आए एक प्रतिनिधिमंडल के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य संसदीय कूटनीति के माध्यम से भारत-यूरोपीय संघ संबंध को और अधिक सशक्त बनाना रहा।

साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर

ओम बिरला ने इस बातचीत के दौरान इस बात पर बल दिया कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच के रिश्ते साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, बहुलवाद और विविधता की नींव पर टिके हैं। उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ करने में संसदीय कूटनीति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।

बैठक के दौरान कई प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई, जिनमें शामिल हैं:

  • व्यापार और नवाचार
  • तकनीकी विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • स्वच्छ ऊर्जा
  • सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र
  • लोगों के बीच सीधा जुड़ाव (People-to-people engagement)

लोकसभा अध्यक्ष ने भारतीय संसद द्वारा अपनाई जा रही उन पहलों का भी उल्लेख किया, जो पारदर्शिता और पहुंच को बढ़ावा देती हैं। उन्होंने उभरती प्रौद्योगिकियों, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार और जवाबदेह उपयोग पर भी प्रकाश डाला।

ब्रिक्स संसदीय मंच और वैश्विक सहयोग

इस बैठक के साथ ही, ओम बिरला द्वारा उद्घाटित 12वें ब्रिक्स (BRICS) संसदीय मंच का भी समापन हुआ। इस अवसर पर एक संयुक्त घोषणा को अपनाया गया, जिसमें सदस्य देशों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों, संप्रभु समानता और आपसी सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

"वैश्विक चुनौतियों का समाधान संघर्ष के बजाय संवाद, शांति और सहयोग के माध्यम से किया जा सकता है।" — ओम बिरला

संयुक्त घोषणा के मुख्य बिंदु:

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार: वैश्विक शासन को 'ग्लोबल साउथ' का बेहतर प्रतिनिधित्व करने के लिए सुधारों का समर्थन किया गया।
  • आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस: सीमा पार आतंकवाद, आतंकी वित्तपोषण और आतंकवादियों को सुरक्षित पनाहगाह देने की कड़ी निंदा की गई।
  • डिजिटल और जलवायु कार्रवाई: डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, नैतिक एआई गवर्नेंस और जलवायु परिवर्तन से निपटने पर प्राथमिकता दी गई।

अंत में, ओम बिरला ने 2027 के लिए ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालने के लिए चीन को बधाई भी दी।

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