सरदार पटेल की जयंती: ओम बिरला ने युवाओं को दिया एकता का मंत्र

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सरदार पटेल की जयंती पर युवाओं से देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने और विकसित भारत बनाने का आह्वान किया।

Ghazala Saheb31 October 20262 min read0 viewsBihar
सरदार पटेल की जयंती: ओम बिरला ने युवाओं को दिया एकता का मंत्र

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शनिवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में 'लौह पुरुष' सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की। इस विशेष अवसर पर विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए बिरला ने युवाओं से आह्वान किया कि वे सरदार पटेल के जीवन और उनके महान आदर्शों से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि युवा अपनी क्षमताओं, नवाचार और सामूहिक प्रयासों को भारत की राष्ट्रीय एकता और अखंडता को मजबूत करने तथा एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में समर्पित करें।

लौह पुरुष के आदर्शों से प्रेरणा लें युवा

आधुनिक भारत के निर्माता सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए ओम बिरला ने कहा कि उनके जीवन में दृढ़ संकल्प, असाधारण संगठनात्मक कौशल, दूरदर्शिता और निर्णायक नेतृत्व का अद्भुत संगम था। उन्होंने रेखांकित किया कि स्वतंत्रता के बाद की तमाम चुनौतियों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, सरदार पटेल के अटूट राष्ट्रवाद ने लगभग 560 रियासतों को भारतीय संघ में एकीकृत करने में सफलता प्राप्त की। बिरला ने कहा, "आज हम भारत की जिस एकता और अखंडता को देखते हैं, वह सरदार पटेल के नेतृत्व और उनके विजन का ही परिणाम है।"

नवाचार और विज्ञान से बनेगा विकसित भारत

छात्रों के बीच मौजूद रहकर बिरला ने उनकी विचारशीलता, आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं के विविध विचार भारत के लोकतंत्र की असली ताकत को दर्शाते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भले ही हमारी संस्कृति, भाषा और राजनीतिक दृष्टिकोण अलग हों, लेकिन राष्ट्रीय एकता और देश के व्यापक हित के प्रति हमारी प्रतिबद्धता हमेशा एक और सर्वोपरि होनी चाहिए।

राष्ट्र निर्माण में युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी पर प्रकाश डालते हुए स्पीकर ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कहीं:

  • विज्ञान और तकनीक का उपयोग: युवाओं को विज्ञान, तकनीक, ज्ञान और नवाचार की शक्ति का उपयोग राष्ट्र सेवा के लिए करना चाहिए।
  • राष्ट्रहित सर्वोपरि: हर क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए राष्ट्रहित सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
  • वैश्विक शक्ति की ओर कदम: यदि युवा सरदार पटेल के संकल्प और आत्मविश्वास को अपनाते हैं, तो भारत एक परिवर्तनकारी वैश्विक शक्ति बनकर उभरेगा।

बिरला ने विश्वास व्यक्त किया कि संविधान सदन जैसे ऐतिहासिक संस्थान से प्राप्त प्रेरणा और विचार युवाओं को विकसित भारत के सपने को साकार करने में मदद करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि युवाओं द्वारा साझा किए गए विचार पूरे देश में नई ऊर्जा, दिशा और दृढ़ संकल्प का संचार करेंगे।

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