बुजुर्गों को मिले बेहतर स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन: ओम बिरला
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बुजुर्गों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और निवारक देखभाल की आवश्यकता पर जोर दिया।

नई दिल्ली में आयोजित 13वें इंटरनेशनल गोसिकॉन (GOSICON) सम्मेलन में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बुजुर्गों के स्वास्थ्य और उनके जीवन की गुणवत्ता को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचित समुदायों में रहने वाले बुजुर्गों तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी चुनौती है।
बुजुर्गों की गरिमा और स्वास्थ्य पर जोर
ओम बिरला ने कहा कि हर वरिष्ठ नागरिक का यह अधिकार है कि वह सम्मान के साथ जिए और शारीरिक रूप से सक्रिय रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल उन्नत उपचार सुविधाएं विकसित करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि असली चुनौती यह है कि इन सुविधाओं का लाभ उन लोगों तक कैसे पहुंचाया जाए जिन्हें इनकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
उन्होंने बुजुर्गों की सहायता के लिए परिवारों, समाज, स्वास्थ्य पेशेवरों और सार्वजनिक संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। बिरला के अनुसार, सामाजिक माध्यमों का जिम्मेदारी से उपयोग करके हड्डियों के स्वास्थ्य और चोटों से बचाव के बारे में जागरूकता फैलाई जा सकती है।
बचाव उपचार से अधिक महत्वपूर्ण
बुजुर्गों में होने वाली हड्डियों की समस्या, घुटनों का दर्द, रीढ़ की हड्डी के विकार और कूल्हे की चोटें उनकी स्वतंत्रता और गतिशीलता को गंभीर रूप से प्रभावित करती हैं। इस विषय पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा:
"बीमारी होने के बाद केवल उपचार पर निर्भर रहने के बजाय, बीमारी को होने से रोकना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।"
उन्होंने नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली को स्वस्थ बुढ़ापे की कुंजी बताया। बिरला ने कहा कि उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन नियमित व्यायाम और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप के माध्यम से बुढ़ापे में भी अच्छी सेहत और गतिशीलता बनाए रखी जा सकती है।
तकनीक और चिकित्सा अनुसंधान की भूमिका
चिकित्सा विज्ञान में हो रहे नए बदलावों का जिक्र करते हुए स्पीकर ने कहा कि आधुनिक तकनीकें अब हड्डियों और रीढ़ की समस्याओं के इलाज के नए रास्ते खोल रही हैं। उन्होंने विशेषज्ञों को निम्नलिखित सुझाव दिए:
- तकनीकी ज्ञान: डॉक्टरों और विशेषज्ञों को उभरती हुई चिकित्सा तकनीकों का निरंतर अध्ययन करना चाहिए।
- अनुभव साझा करना: चिकित्सा पेशेवरों को अपने अनुभव और सर्वोत्तम प्रथाओं को एक-दूसरे के साथ साझा करना चाहिए।
- नवाचार: अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से उपचार को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाया जाना चाहिए।
अंत में, उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलन चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए ज्ञान के आदान-प्रदान और अगली पीढ़ी के डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं, जिससे देश भर में मरीजों को बेहतर उपचार और पुनर्वास सेवाएं मिल सकेंगी।