पीएम मोदी से मिले Open Cosmos के CEO, भारत के स्पेस सेक्टर में निवेश का ऐलान
यूरोपीय कंपनी Open Cosmos ने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश और सहयोग की इच्छा जताई है। CEO ने PM मोदी से मुलाकात की।

यूरोपीय स्पेस कंपनी Open Cosmos ने भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र में निवेश करने और अपनी भागीदारी मजबूत करने की बड़ी योजना बनाई है। कंपनी के संस्थापक और सीईओ राफेल जोर्डा सिक्वियर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक के बाद कंपनी ने भारत में व्यावसायिक सहयोग और निवेश की अपनी गहरी इच्छा जाहिर की है।
भारत के साथ मिलकर काम करने का विजन
कंपनी ने एक आधिकारिक बयान में कहा है कि वे भारत के मौजूदा नेटवर्क का लाभ उठाना चाहते हैं और नए व्यावसायिक अवसरों की तलाश कर रहे हैं। सीईओ राफेल जोर्डा सिक्वियर ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य केवल भारत को सेवाएं प्रदान करना नहीं है, बल्कि देश के साथ मिलकर विकास करना है।
"हमारा विजन भारत के साथ मिलकर काम करना है, न कि केवल उसे सेवाएं प्रदान करना। हम भारत के साथ जुड़ने, रिश्ते बनाने और यह देखने के लिए आए हैं कि हम कहां सहयोग कर सकते हैं।" — राफेल जोर्डा सिक्वियर
किन क्षेत्रों में बढ़ेगी साझेदारी?
Open Cosmos भारत के अंतरिक्ष और दूरसंचार पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) में औद्योगिक सहयोग और तकनीकी विकास की संभावनाओं को तलाश रहा है। कंपनी ने विशेष रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करने की इच्छा जताई है:
- टेलीकम्युनिकेशन कॉन्स्टेलेशन: संचार प्रणालियों को मजबूत और उन्नत बनाना।
- अर्थ ऑब्जर्वेशन सिस्टम: पृथ्वी के अवलोकन के लिए अत्याधुनिक तकनीक।
- सैटेलाइट लॉन्च: उपग्रह प्रक्षेपण के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग।
भारत की बढ़ती स्पेस इकोनॉमी
यह निवेश ऐसे समय में आया है जब भारत अपने अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी निवेश और तकनीकी आत्मनिर्भरता के माध्यम से विस्तार दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के 'स्पेस विजन 2047' के तहत भारत घरेलू क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दे रहा है।
विशेषज्ञों का अनुमान है कि 2033 तक भारत की स्पेस इकोनॉमी 44 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है। सीईओ की यह यात्रा लिकटेंस्टीन के राजकुमार अलोइस की भारत यात्रा के दौरान हुई, जो दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अपनी यात्रा के दौरान जोर्डा ने हैदराबाद, बेंगलुरु, दिल्ली और मुंबई में भी विभिन्न सार्वजनिक और निजी संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।