पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती पर होगा राजकीय समारोह का आयोजन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चंपारण सत्याग्रह के सूत्रधार पंडित राजकुमार शुक्ल की 151वीं जयंती समारोह का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम का आयोजन पंडित राजकुमार शुक्ल स्मृति संस्थान द्वारा बिहार विधान परिषद के एनेक्सी सभागार में किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती पर राजकीय समारोह आयोजित करने की घोषणा की।
राजकीय समारोह और चंपारण सत्याग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित राजकुमार शुक्ल के योगदान और चंपारण सत्याग्रह के ऐतिहासिक महत्व से नई पीढ़ी को अवगत कराया जाएगा। पंडित राजकुमार शुक्ल के अथक प्रयासों से ही महात्मा गांधी चंपारण आए थे और किसानों को अंग्रेजों के अत्याचार से मुक्ति दिलाने के लिए सत्याग्रह का नेतृत्व किया था। इस सत्याग्रह ने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी थी।
किसानों के लिए बिजली आपूर्ति और अन्य घोषणाएं
राज्य में सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत कम वर्षा को देखते हुए सरकार ने कृषि कार्य के लिए सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति का निर्णय लिया है। सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सपनों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। सहयोग कार्यक्रम के तहत 6 लाख 42 हजार आवेदन मिले जिनमें से 96 प्रतिशत का निष्पादन हुआ। पिछले तीन दिनों के रोजगार मेलों से 16 हजार लोगों को रोजगार मिला है।
बिहार का बजट और सम्मान समारोह
बिहार की अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2024 में बिहार का बजट 3 लाख 47 हजार करोड़ रुपये था। समारोह में संस्थान की ओर से मुख्यमंत्री का स्वागत किया गया और उन्होंने स्मारिका 'शुक्ल शौर्य' का लोकार्पण किया। कला के क्षेत्र में कल्पना पटवारी को 'पंडित राजकुमार शुक्ल कला शिखर सम्मान' से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सभापति अवधेश नारायण सिंह, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।