"बिहारियों से इतनी नफरत क्यों?": बाढ़ राहत पर पप्पू यादव का बड़ा हमला

बिहार में बाढ़ की विभीषिका के बीच राजनीति गरमा गई है। निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बाढ़ राहत कार्यों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर बेहद तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया है कि आखिर बिहार के लोगों के प्रति इतनी नफरत क्यों दिखाई जा रही है? पप्पू यादव ने प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाते हुए सरकार से 5,000 करोड़ रुपये की तत्काल सहायता की मांग की है।
ग्राउंड जीरो से पप्पू यादव का दावा: सुविधाओं का भारी अभाव
छपरा में पिछले तीन दिनों से मौजूद पप्पू यादव ने स्थिति का जायजा लेने के बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने दावा किया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में जीवन जीने के लिए जरूरी न्यूनतम सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।
पप्पू यादव ने कहा, "मैं तीन दिनों से छपरा में हूं। वहां न तो जनरेटर हैं, न ही पॉलीथीन शीट, सामुदायिक रसोई, चिकित्सा सुविधाएं या हैंडपंप उपलब्ध हैं।" उन्होंने आगे बताया कि स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें खुद राहत कार्य में उतरना पड़ा। उन्होंने कहा कि उन्हें 100 हैंडपंप उपलब्ध कराने पड़े और तटबंधों के किनारे 50 से अधिक जनरेटर लगाने पड़े। उन्होंने सवाल किया कि जब संकट इतना बड़ा है, तो स्थानीय सांसद और विधायक कहां हैं?
अन्य राज्यों से तुलना: "बिहार के साथ ऐसा क्यों?"
बाढ़ राहत के मुद्दे पर पप्पू यादव ने अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब अन्य राज्यों में आपदा आती है, तो पूरा तंत्र सक्रिय हो जाता है।
- असम: जब असम में बाढ़ आती है, तो सरकार तुरंत एक्शन में आ जाती है।
- पंजाब: पंजाब में संकट आने पर सभी पंजाबी एकजुट होकर मदद करते हैं।
- गुजरात: गुजरात में भी बाढ़ के समय सरकार