चंपारण तटबंध टूटने से तबाही: बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सांसद पप्पू यादव

Ghazala Saheb29 September 20262 min read0 viewsBihar
चंपारण तटबंध टूटने से तबाही: बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे सांसद पप्पू यादव

पश्चिम चंपारण के बगहा क्षेत्र में चंपारण तटबंध टूटने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सोमवार रात को हुई इस घटना के बाद मंगलवार को सांसद पप्पू यादव खुद मौके पर पहुंचे और प्रभावित ग्रामीणों का हाल जाना। उनके साथ बगहा विधानसभा क्षेत्र के पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी और समाजसेवी जयेश मंगल सिंह भी मौजूद रहे।

सांसद ने क्षतिग्रस्त तटबंध का बारीकी से निरीक्षण किया और बाढ़ की गंभीर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने न केवल प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं, बल्कि उन्हें तत्काल राहत के रूप में आर्थिक सहायता भी प्रदान की।

सिस्टम पर बरसे पप्पू यादव: करोड़ों खर्च के बावजूद असुरक्षित तटबंध

तटबंध टूटने की घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए पप्पू यादव ने विभागीय व्यवस्थाओं पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक वर्ष एंटी एरोजन और फ्लड फाइटिंग के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, इसके बावजूद तटबंध सुरक्षित क्यों नहीं रह पा रहे हैं? उन्होंने मांग की कि तटबंध टूटने के मामलों में जो भी इंजीनियर और अधिकारी जिम्मेदार हैं, उन्हें तुरंत चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

सांसद ने बताया कि वाल्मीकिनगर-बगहा क्षेत्र में हर साल बाढ़ के कारण हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है। उन्होंने तटबंधों की सुरक्षा के लिए गाइड बांध और ठोकर निर्माण कराने के साथ-साथ नदी में जमा गाद की समस्या के स्थायी समाधान की भी मांग की।

बड़ी मांगें: राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित हो बगहा-वाल्मीकिनगर

बाढ़ की समस्या के समाधान के लिए सांसद ने कई महत्वपूर्ण मांगें उठाईं:

  • राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र: वाल्मीकिनगर और बगहा क्षेत्र को राष्ट्रीय आपदा क्षेत्र घोषित किया जाए।
  • ऋण माफी: बाढ़ प्रभावित किसानों का पिछले पांच वर्षों का ऋण माफ किया जाए।
  • मुआवजा और सर्वे: फसल और अन्य नुकसान का उचित मुआवजा मिले। इसके लिए ड्रोन और एआई (AI) तकनीक के माध्यम से वैज्ञानिक सर्वे कराया जाए ताकि वास्तविक नुकसान का सटीक आकलन हो सके।
  • राहत सामग्री: प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में नाव, मेडिकल सुविधाएं और सामुदायिक रसोई का संचालन सुनिश्चित किया जाए।

प्रशासनिक स्तर पर राहत कार्य जारी

दूसरी ओर, जिला प्रशासन भी स्थिति को संभालने में जुटा है। प्रशासन के निर्देश पर अनुमंडल प्रशासन ने प्रभावित परिवारों के लिए 1,500 ड्राई राशन पैकेट तैयार रखे हैं। बगहा-1 के सिंघारी-पिपरिया पंचायत और बगहा-2 के लक्ष्मीपुर जैसे प्रभावित इलाकों में मेडिकल कैंप और राहत शिविर भी संचालित किए जा रहे हैं, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।

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