नाव दुर्घटना पीड़ितों को मिले 10 लाख मुआवजा, बांध-पुल निर्माण की हो जांच: पप्पू यादव

पूर्णिया के सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने बिहार में बाढ़, नाव दुर्घटनाओं और बुनियादी ढांचे में कथित अनियमितताओं को लेकर मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को पटना में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) से मुलाकात के दौरान उन्होंने कई गंभीर मुद्दों पर ज्ञापन सौंपा और सरकार से त्वरित कार्रवाई की मांग की।
मुआवजे और नाव सुरक्षा पर जोर
पप्पू यादव ने राघोपुर सहित विभिन्न इलाकों में बाढ़ और नाव दुर्घटनाओं के कारण हुई मौतों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने मांग की है कि प्रत्येक मृतक के परिवार को 10-10 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए। सांसद ने बताया कि भागलपुर, छपरा (मकेर, परसा, अमनौर, पानापुर) और बेतिया जैसे क्षेत्रों में बाढ़ और डूबने से बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई है।
नावों की सुरक्षा को लेकर उन्होंने निम्नलिखित मांगें रखीं:
- नावों में पर्याप्त लाइफ जैकेट और सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था हो।
- रात के समय असुरक्षित तरीके से नावों का परिचालन पूरी तरह बंद किया जाए।
- दीपावली और छठ जैसे त्योहारों के दौरान जल परिवहन के लिए कम से कम 40 स्टीमर चलाने की व्यवस्था हो।
- विक्रमशिला गंगा तटवर्ती क्षेत्र में बड़ी यात्री नावों और ट्रैक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
निर्माण कार्यों में धांधली की उच्चस्तरीय जांच की मांग
सांसद ने गंडक नदी के तटबंधों के टूटने और बाढ़ नियंत्रण कार्यों में लापरवाही का मुद्दा उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांध टूटने के मामलों में केवल निचले स्तर के इंजीनियरों को निलंबित करना काफी नहीं है, बल्कि कार्यपालक अभियंता और अधीक्षण अभियंता जैसे बड़े अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि:
- टूटे हुए पुलों में इस्तेमाल किए गए सरिया की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए।
- मेसर्स श्याम स्टील की सरिया और निर्माण में निर्धारित मानकों के पालन की पड़ताल की जाए।
- सरकारी परियोजनाओं में इस्तेमाल होने वाले टीएमटी सरिया और निविदाओं (Tenders) की प्रक्रिया की जांच हो।
शिक्षा और रोजगार के मुद्दे
पप्पू यादव ने बिहार के युवाओं के भविष्य को लेकर भी कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने राज्य के 211 नए डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और दर्शनशास्त्र विभाग की स्थापना करने का आग्रह किया।
रोजगार के क्षेत्र में उन्होंने केवाईपी (KYP) केंद्रों को फिर से शुरू करने, बेल्ट्रॉन डाटा एंट्री ऑपरेटरों की प्रतीक्षा सूची जारी करने और टीआरई-3 व टीआरई-4 की नियुक्तियों में हो रही देरी पर भी चिंता जताई। इसके साथ ही उन्होंने 70वीं बीपीएससी परीक्षा की कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया और राज्यपाल से इन सभी जनसमस्याओं पर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।