स्वर्ण मंदिर पहुंचे परगट सिंह और सचिन पायलट, मांगा गुरु का आशीर्वाद

पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह और राज्य प्रभारी सचिन पायलट ने गुरुवार को अमृतसर के श्री हरमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) में मत्था टेका। दोनों नेताओं ने गुरु साहिब के चरणों में शीश नवाया और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने दुर्गाई मंदिर में भी दर्शन किए।
राजनीति के लिए नहीं, केवल आशीर्वाद के लिए आए हैं नेता
स्वर्ण मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए परगट सिंह ने कहा कि उनका इस यात्रा का उद्देश्य केवल आध्यात्मिक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यहाँ राजनीति करने नहीं, बल्कि गुरु साहिब का आभार व्यक्त करने आए हैं।
"आज हम केवल गुरु साहिब को धन्यवाद देने आए हैं। जिन दरवाजों पर हम खड़े हैं, उन्होंने कभी भी हमलावरों और नफरत की राजनीति को सहन नहीं किया है। आज का दिन केवल ईश्वर को धन्यवाद देने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का है। हम राजनीति करेंगे, लेकिन एक-दो दिन बाद, क्योंकि यह स्थान उसके लिए नहीं है।" — परगट सिंह
कांग्रेस की एकजुटता और 2027 का लक्ष्य
कांग्रेस नेता विजय इंद्र सिंगला ने इस यात्रा को पार्टी के लिए एक नई शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस नेतृत्व गुरु साहिब का आशीर्वाद लेने आया है। सिंगला ने पार्टी के भविष्य के लक्ष्यों पर जोर देते हुए कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और 2027 के विधानसभा चुनावों में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाना है।
पार्टी के भीतर एकजुटता के सवालों का जवाब देते हुए सिंगला ने कहा:
- कांग्रेस हमेशा एकजुट रही है और भविष्य में भी रहेगी।
- विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन जब बात राहुल गांधी और देश की प्रगति की आती है, तो सभी नेता मिलकर काम करते हैं।
- नई नेतृत्व टीम एक cohesive (सामंजस्यपूर्ण) टीम के रूप में काम करेगी।
विपक्ष के वार का जवाब
विपक्ष द्वारा लगाए गए "25 साल के अनुबंध" जैसे तंजों पर पलटवार करते हुए सिंगला ने कहा कि सत्ता किसी के नाम पर स्थायी रूप से लीज पर नहीं दी जाती है। उन्होंने बताया कि राजा वारिंग ने लगभग साढ़े चार साल तक अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभाई और अब यह जिम्मेदारी परगट सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की जनता के सहयोग से कांग्रेस फिर से सरकार बनाएगी।