परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड: आरोपी का रजिस्ट्रेशन रद्द
परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, आरोपी अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द। CBI अब मामले की जांच कर रही है।

परमिंदर सिंह झोटा हत्याकांड में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब फार्मेसी काउंसिल ने मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार का फार्मासिस्ट रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। काउंसिल के अध्यक्ष सुनील बंसल ने पुष्टि की है कि हत्या के मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं और उसका पंजीकरण अब समाप्त कर दिया गया है।
काउंसिल की बड़ी कार्रवाई
अश्वनी कुमार, जो एक मेडिकल स्टोर का संचालन करता था, का फार्मासिस्ट पंजीकरण 10 जुलाई 2020 को जारी किया गया था। हत्या के मामले की गंभीरता और जांच को देखते हुए काउंसिल ने अब इस पंजीकरण को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरी घटना 13 अक्टूबर की है, जब पंजाब के मानसा जिले में एक केमिस्ट की दुकान के भीतर एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परमिंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। झोटा उस समय फेसबुक पर लाइव स्ट्रीमिंग कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ।
बताया जा रहा है कि झोटा ने मानसा के एक बाजार में अश्वनी कुमार का सामना प्रतिबंधित और नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को लेकर किया था। झोटा का आरोप था कि कुमार एक बुजुर्ग व्यक्ति को नशीली दवाएं बेच रहा था। इसी विवाद के दौरान अंधाधुंध फायरिंग हुई, जिसमें झोटा की मौत हो गई और चार अन्य लोग भी घायल हो गए।
CBI ने संभाली जांच की कमान
मामले की संवेदनशीलता और परिवार व राजनीतिक दबाव को देखते हुए, केंद्र सरकार ने इस हत्याकांड की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दी है। पंजाब सरकार की सहमति और केंद्र की अधिसूचना के बाद CBI की स्पेशल क्राइम ब्रांच, चंडीगढ़ ने इस केस की कमान संभाल ली है।
CBI ने इस मामले में अश्वनी कुमार और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इस मामले में निम्नलिखित कानूनी धाराओं का उल्लेख किया गया है:
- भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023: धारा 103(1), 109, 118(1), 61(2) और 3(5)
- आर्म्स एक्ट, 1959: धारा 25 और 27
मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार को राजस्थान से गिरफ्तार किया गया है। CBI इंस्पेक्टर बलविंदर सिंह को इस मामले की जांच सौंपी गई है।
"जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या केमिस्ट की दुकानों पर प्रतिबंधित साइकोट्रोपिक पदार्थों की अवैध बिक्री इस हत्या का मुख्य कारण थी।"
CBI की टीम मानसा पहुंची है और पंजाब पुलिस से केस से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज और सबूत जब्त कर लिए हैं। जांच दल में फॉरेंसिक विशेषज्ञ, ड्रग कंट्रोलर्स और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे, जो यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि क्या इस हत्या के पीछे नशीली दवाओं के अवैध कारोबार का कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।