पश्चिमी चंपारण में सरकारी परिसंपत्तियों के कायाकल्प का बड़ा प्लान, 190 योजनाएं चिन्हित

बेतिया। पश्चिमी चंपारण ज़िला के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से उपलब्ध सरकारी आधारभूत संरचनाओं को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार सरकार और जिला पदाधिकारी के निर्देश पर लौरिया प्रखंड की सभी 19 ग्राम पंचायतों में सरकारी परिसंपत्तियों के सुदृढ़ीकरण और उन्नयन के लिए 190 योजनाएं चिन्हित की गई हैं। प्रत्येक पंचायत से कम से कम 10 योजनाओं का चयन किया गया है।
प्रस्ताव जिला को समर्पित
चयनित योजनाओं का प्रस्ताव निर्धारित प्रारूप में तैयार कर जिला को समर्पित कर दिया गया है। प्रखंड स्तर पर आयोजित बैठक में बीडीओ संजीव कुमार के नेतृत्व में योजनाओं के चयन और प्रस्ताव तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के कर्मियों के साथ पंचायत सचिव, कार्यपालक सहायक और संबंधित कर्मी शामिल रहे।
किन परिसंपत्तियों को दी गई प्राथमिकता
चयन में उन सरकारी परिसंपत्तियों को प्राथमिकता दी गई है, जिन्हें मौजूदा स्थिति के अनुसार सुदृढ़ीकरण, उन्नयन अथवा जरूरी कार्य की आवश्यकता है। इसमें आंगनबाड़ी केंद्र, विद्यालय, सामुदायिक भवन, स्वास्थ्य केंद्र सहित ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोग होने वाली अन्य सरकारी परिसंपत्तियां शामिल हैं। योजनाओं का चयन स्थानीय जरूरत, प्राथमिकता और परिसंपत्तियों की वर्तमान स्थिति के आकलन के आधार पर किया गया है।
पहल का मुख्य मकसद
इस पहल का मकसद नई संरचनाएं खड़ी करने के बजाय पहले से मौजूद सरकारी ढांचे को दुरुस्त कर ग्रामीणों के लिए अधिक उपयोगी और प्रभावी बनाना है।