पाटलिपुत्र युवा संसद: विकसित भारत के लिए युवा हैं अहम
पटना में पाटलिपुत्र युवा संसद-2.0 का उद्घाटन करते हुए सम्राट चौधरी ने युवाओं को लोकतंत्र और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित किया।

पटना के गोला रोड स्थित ज्ञान निकेतन स्कूल परिसर में आयोजित दो दिवसीय 'पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद-2.0' में सम्राट चौधरी ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने और एक विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया, जहाँ उन्होंने देश के भविष्य यानी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
लोकतंत्र की जड़ें और युवाओं का उत्तरदायित्व
अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की नींव बिहार की धरती से ही पड़ी है। उन्होंने 1947 के स्वतंत्रता संग्राम और 1974 के ऐतिहासिक छात्र आंदोलन का जिक्र करते हुए बताया कि युवाओं ने हमेशा देश की दिशा बदलने में बड़ी भूमिका निभाई है।
सम्राट चौधरी ने वर्तमान पीढ़ी को संबोधित करते हुए कहा:
"आज का दौर जेन-जी और जेन अल्फा का है। युवा पीढ़ी को लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में काम करना होगा। पाटलिपुत्र राष्ट्रीय युवा संसद जैसे आयोजन युवाओं को संवैधानिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं।"
जनता ही लोकतंत्र की असली मालिक
लोकतंत्र की कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में जनता ही असली मालिक होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी जनता की आवाज और उनकी अपेक्षाओं को समझना है। उन्होंने यह भी कहा कि जनता ने हमें काम करने का अवसर दिया है, इसका अर्थ यह नहीं कि हम स्वयं को भाग्य विधाता समझने लगें। जनहित में लिए गए निर्णयों की समय-समय पर समीक्षा करना और जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलना लोकतंत्र की खूबसूरती है।
विकास योजनाओं से सशक्त हो रहा बिहार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि कैसे देश में करोड़ों लोगों को पक्के मकान और मुफ्त अनाज जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल रही हैं। बिहार के संदर्भ में उन्होंने राज्य सरकार की प्रमुख उपलब्धियों को रेखांकित किया:
- मुफ्त बिजली: बिहार में अमीर से लेकर गरीब तक सभी को 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
- स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिस पर प्रतिवर्ष लगभग 18 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाते हैं।
- बुनियादी ढांचा: पेयजल और बिजली जैसी आवश्यक सेवाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी, सांसद शांभवी चौधरी और आयोजन के संस्थापक सायन कुणाल ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी स्वर्गीय आचार्य किशोर कुणाल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।