पटना में सहकारी अंकेक्षण अधिकारियों के लिए छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू

सहकारी अंकेक्षण सेवा के अधिकारियों के लिए छह दिवसीय क्षमता निर्माण-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन सोमवार को पटना स्थित एल.एन. मिश्रा इंस्टीट्यूट ऑफ इकोनॉमिक डेवलपमेंट एंड सोशल चेंज में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अंकेक्षकों के कार्य-कौशल, तकनीकी दक्षता एवं पेशेवर क्षमताओं को सुदृढ़ करना तथा उन्हें आधुनिक अंकेक्षण पद्धतियों एवं तकनीकी नवाचारों से परिचित कराना है। प्रशिक्षणार्थियों में कुल पच्चीस जिला अंकेक्षण पदाधिकारी एवं पाँच उप मुख्य अंकेक्षक सम्मिलित हैं।
सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव का बयान
प्रशिक्षण के उद्देश्यों के बारे में सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने बताया कि सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने में गुणवत्तापूर्ण अंकेक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। बदलते तकनीकी परिवेश में अंकेक्षण व्यवस्था को भी आधुनिक एवं तकनीक-सक्षम बनाया जाना आवश्यक है। अंकेक्षकों की क्षमता निर्माण के साथ-साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं डिजिटल तकनीकों का प्रभावी उपयोग सहकारी क्षेत्र में सुशासन को और मजबूत करेगा।
सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह के विचार
इस अवसर पर सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि पदाधिकारियों के कार्य-कौशल एवं दक्षता में निरंतर वृद्धि के लिए विभाग द्वारा नियमित अंतराल पर क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। सहकारिता क्षेत्र तेजी से विस्तार एवं परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में प्रौद्योगिकी आधारित ऑनलाइन सिस्टम ऑडिट, आधुनिक अंकेक्षण पद्धतियों तथा समवर्ती अंकेक्षण को प्रभावी ढंग से अपनाया जाना आवश्यक है।
प्रशिक्षण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग
प्रशिक्षण कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों एवं उनके व्यावहारिक उपयोग से भी प्रतिभागियों को अवगत कराया जा रहा है। सहकारी समितियों के लेखांकन में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करना अंकेक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। अंकेक्षण का उद्देश्य केवल वित्तीय अभिलेखों की जाँच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता, जवाबदेही एवं संस्थागत सुशासन को भी मजबूत किया जाना है।
निबंधक रजनीश कुमार सिंह की प्रतिक्रिया
इस अवसर पर निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार रजनीश कुमार सिंह ने कहा कि अंकेक्षक सहकारिता विभाग की आँख और कान हैं। सहकारी समितियों के कार्यों की वास्तविक स्थिति, वित्तीय प्रबंधन एवं कार्यप्रणाली की जानकारी विभाग तक पहुँचाने में अंकेक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अंकेक्षकों की कार्यक्षमता को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उनके दायित्वों के बेहतर निर्वहन में उपयोगी सिद्ध होगा।