सरदार पटेल जयंती: पटना में राजकीय समारोह, CM सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

पटना के पटेल चौक पर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर राजकीय समारोह हुआ, जिसमें मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने श्रद्धांजलि दी।

Ghazala Saheb31 October 20262 min read0 viewsBihar
सरदार पटेल जयंती: पटना में राजकीय समारोह, CM सम्राट चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

पटना के चितकोहरा पुल के पास स्थित पटेल चौक पर शनिवार को देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर भव्य राजकीय समारोह का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरदार पटेल की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

दिग्गज मंत्रियों और नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

इस राजकीय समारोह में बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने भी पटेल की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।

समारोह में राज्य के कई महत्वपूर्ण मंत्रियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनमें शामिल हैं:

  • विजय कुमार सिन्हा (कृषि मंत्री)
  • डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल (राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री)
  • रामकृपाल यादव (सहकारिता मंत्री)
  • शीला कुमारी (विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री)
  • रत्नेश सादा (आपदा प्रबंधन मंत्री)
  • लखेन्द्र कुमार रौशन (अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री)

इसके अलावा विधायक श्याम रजक, संजीव चौरसिया, संजय कुमार और बिहार राज्य किसान आयोग के अध्यक्ष रूपनारायण मेहता सहित कई सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने भी श्रद्धासुमन अर्पित किए।

देशभक्ति के गीतों से सराबोर हुआ वातावरण

समारोह को यादगार बनाने के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के कलाकारों ने विशेष प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान आरती-पूजन, भजन-कीर्तन, राष्ट्रगान और विभिन्न देशभक्ति गीतों का गायन किया गया। इन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे समारोह स्थल पर राष्ट्रवाद और देशभक्ति का एक ऊर्जावान वातावरण निर्मित कर दिया।

राष्ट्रीय एकता के सूत्रधार थे सरदार पटेल

सरदार वल्लभभाई पटेल भारत के प्रथम उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री थे। स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका के साथ-साथ आजादी के बाद देश की विभिन्न देशी रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत का निर्माण करने में उनका योगदान अतुलनीय है। उनके इसी महान कार्य के सम्मान में हर साल 31 अक्टूबर को पूरे देश में 'राष्ट्रीय एकता दिवस' मनाया जाता है।

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