पटना में पेपर लीक और धांधली के खिलाफ छात्रों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने बरसाई लाठियां

बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों छात्रों की पुलिस के साथ झड़प हो गई। इस दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास और राजभवन की तरफ मार्च करने की कोशिश की, जिन्हें रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछारें और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया। यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस हंगामे के बाद कई छात्रों को हिरासत में लिया गया है और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं।
छात्रों की प्रमुख मांगें और आंदोलन की पृष्ठभूमि
यह पूरा विवाद दिसंबर 2024 में हुई सिविल सेवा परीक्षा से जुड़ा है, जिसमें 2,000 पदों के लिए 3,000 से अधिक उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया था। छात्र 18 अगस्त से गर्दनीबाग में धरने पर बैठे हैं और 70वीं BPSC परीक्षा को रद्द करने, नेगेटिव मार्किंग हटाने तथा 100 प्रतिशत डोमिसाइल आधारित भर्ती की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा, प्रदर्शनकारी एक अनिवार्य वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी करने और हिंदी माध्यम के छात्रों के साथ कथित भेदभाव को खत्म करने की मांग भी कर रहे हैं।
अधिकारियों का बयान और सरकार की प्रतिक्रिया
सोमवार, 24 अगस्त को BPSC परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार सिंह (जिन्हें राजेश कुमार सिंह भी कहा गया है) द्वारा प्रदर्शनकारियों की तुलना भौंकने वाले कुत्तों से करने वाले एक विवादित बयान के बाद तनाव और बढ़ गया, हालांकि बाद में उन्होंने वीडियो जारी कर खेद जताया। बिहार सरकार ने 23 अगस्त को एक न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति के गठन की घोषणा की, जिसे तीन महीने के भीतर परीक्षा सुधारों पर सुझाव देने का जिम्मा सौंपा गया है। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं का समाधान कर दिया है, जबकि प्रदर्शनकारियों का दावा है कि उनकी मुख्य मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं।
BPSC का रुख और राजनीतिक समर्थन
BPSC ने 70वीं प्रारंभिक परीक्षा से जुड़े लीक के आरोपों को औपचारिक रूप से खारिज कर दिया है और वायरल दस्तावेजों को फर्जी बताया है। इस प्रदर्शन को ऑल बिहार स्टूडेंट्स यूनियन, SFI और DYFI जैसे विभिन्न संगठनों का समर्थन मिला है, जबकि विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने छात्रों की शिकायतों का समाधान करने के लिए मुख्यमंत्री को औपचारिक रूप से पत्र लिखा है।