पटना: रेलवे ट्रैक पर मिली युवती की लाश, संदिग्ध कॉल से उलझी गुत्थी

पटना के कुम्हरार रेलवे ट्रैक पर एक युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है कि आखिर यह मौत आत्महत्या है या किसी गहरी साजिश का हिस्सा।
गायब होने के बाद का रहस्यमयी सफर
थानाध्यक्ष संजीव सिंह के अनुसार, तकनीकी जांच में पता चला है कि युवती 5 अक्टूबर को घर से लापता हुई थी। लापता होने के बाद उसकी गतिविधियों का क्रम काफी संदिग्ध रहा है। वह पहले दीघा गई, फिर लगभग दो दिनों तक भागलपुर में रही और अंततः 8 अक्टूबर को वापस पटना लौटी।
गेमिंग ऐप और 80 हजार का संदिग्ध ट्रांजेक्शन
पुलिस इस मामले में कई संदिग्ध पहलुओं पर गौर कर रही है:
- मोबाइल और सिम कार्ड: युवती के गायब होने के बाद पटना में ही उसका सिम कार्ड निष्क्रिय (deactivate) कर दिया गया था।
- गेमिंग ऐप: पुलिस उसकी मोबाइल गतिविधियों, विशेषकर किसी गेमिंग एप्लिकेशन के इस्तेमाल की जांच कर रही है।
- बैंक ट्रांजेक्शन: परिवार का दावा है कि युवती ने अपने पिता के खाते से 80,000 रुपये निकाले थे। पुलिस इस राशि की पुष्टि और लेनदेन करने वाले व्यक्ति की पहचान के लिए बैंक से विस्तृत विवरण मांग रही है।
दुबई से धमकी भरा कॉल और हत्या का आरोप
मृतक के परिजनों ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। परिवार को दुबई से एक संदिग्ध कॉल आया था, जिसमें दावा किया गया था कि युवती ने 10,000 रुपये का लोन लिया है और भुगतान न करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी गई थी।
"मेरी बेटी की हत्या की गई है और उसका शव रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया है।" - संजीव कुमार प्रजापति (मृतक के पिता)
मृतक के पिता संजीव कुमार प्रजापति, जो महावीर आरोग्य संस्थान में कार्यरत हैं, का स्पष्ट मानना है कि यह हत्या का मामला है। वहीं, मृतक के चचेरे भाई मनोज कुमार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि युवती एनआईटी (NIT) में फॉर्म भरने के बहाने घर से निकली थी, लेकिन पुलिस उसे ढूंढने में विफल रही।