लखनऊ में फार्माविजन नेशनल कॉन्फ्रेंस का समापन, 779 छात्रों ने लिया हिस्सा

लखनऊ में आयोजित फार्माविजन नेशनल कॉन्फ्रेंस (Pharmavision National Conference Lucknow) का दो दिवसीय कार्यक्रम डॉ. शकुंतला मिश्रा नेशनल रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की फार्मेसी विंग द्वारा आयोजित इस 13वें राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विभिन्न राज्यों से आए 779 फार्मेसी छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
देश और विदेश से आए प्रतिभागी
इस सम्मेलन की खास बात यह रही कि इसमें केवल भारत ही नहीं, बल्कि नेपाल के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रतिभागियों में 465 छात्र पुरुष और 311 छात्राएं शामिल थीं, जो फार्मेसी के क्षेत्र में युवाओं की बढ़ती सक्रियता को दर्शाती हैं।
विकसित भारत के निर्माण में फार्मेसी का योगदान
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में उत्तर प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने सस्ती, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने में फार्मेसी क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों से अनुसंधान, नवाचार और उच्च गुणवत्ता वाले फार्मा निर्माण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
ABVP के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हुए कहा कि 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण में फार्मेसी छात्रों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने छात्रों को अपने कौशल और शोध को देश की जरूरतों के साथ जोड़ने की सलाह दी ताकि भारत को एक वैश्विक फार्मा हब बनाया जा सके।
रचनात्मक और शैक्षणिक गतिविधियों का संगम
सम्मेलन के दूसरे दिन छात्रों के लिए कई तरह की शैक्षणिक और नवाचार-आधारित गतिविधियां आयोजित की गईं। इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों के भीतर उद्यमिता और शोध की भावना को जगाना था। प्रमुख गतिविधियां इस प्रकार रहीं:
- मॉडल प्रेजेंटेशन
- पोस्टर प्रेजेंटेशन
- फार्माप्रेन्योर (Pharmapreneur)
- फार्मासिस्ट काउंसलर
- यूथ पार्लियामेंट
- फार्माथॉन (Pharmathon)
भविष्य की राह और जिम्मेदारी
फार्माविजन के राष्ट्रीय संयोजक अपूर्व नंदी ने कहा कि यह मंच छात्रों को केवल किताबों तक सीमित न रहकर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को मजबूत करने की जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित करता है। वहीं, विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने भी छात्रों में फार्मेसी क्षेत्र के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया।
ABVP के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री देवदत्त जोशी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को अपने व्यक्तिगत विकास के साथ-साथ राष्ट्र के विकास में भी योगदान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि फार्मेसी का क्षेत्र केवल दवा बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अनुसंधान, उद्यमिता और सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा के असीमित अवसर मौजूद हैं।