पिपरा में पुलिस की छापेमारी से मची भगदड़, नदी में कूदे 50 लोग, 2 की मौत

पटना जिले के पिपरा थाना क्षेत्र के बेहरावां गांव में मंगलवार को उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब पिपरा में पुलिस छापेमारी के दौरान दर्जनों लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए पुनपुन नदी में छलांग लगा दी। पुलिस की अचानक हुई इस कार्रवाई से गांव में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई, जिसके परिणामस्वरूप नदी में डूबने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
पुलिस की घेराबंदी देख ग्रामीणों में फैला खौफ
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस की एक बड़ी टीम ने अचानक बेहरावां गांव को चारों तरफ से घेर लिया। पुलिसकर्मियों की भारी संख्या और अचानक हुई इस कार्रवाई को देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए करीब 50 से 60 लोग नदी की ओर भागे और देखते ही देखते पुनपुन नदी में कूद गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। कुछ लोगों ने पुलिस पर ईंट-पत्थर भी चलाए, जबकि ग्रामीणों का यह भी दावा है कि पुलिस की ओर से भी नदी की तरफ पत्थर फेंके गए। हालांकि, इन गंभीर आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
नदी में डूबने से दो लोगों की मौत
नदी में कूदने के बाद जो लोग तैरने में माहिर थे, वे किसी तरह दूसरे किनारे तक पहुँचने में सफल रहे, लेकिन कई लोग पानी के तेज बहाव और अफरा-तफरी का शिकार हो गए। इस दुखद घटना में दो लोगों की जान चली गई है:
- आकाश मांझी: फुलवारी शरीफ के ढिबरा निवासी, जो अपनी नानी के घर बेहरावां आए हुए थे।
- राम मांझी: उम्र लगभग 60 वर्ष।
आकाश मांझी के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद से पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल बना हुआ है।
गांव में तनाव और भारी पुलिस बल तैनात
घटना के बाद से बेहरावां गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। ग्रामीणों के बीच पुलिस की कार्रवाई को लेकर काफी आक्रोश देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि पुलिस की मौजूदगी और छापेमारी के डर से गांव के कई लोग अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए हैं।
फिलहाल, गांव में पुलिस बल की तैनाती बनी हुई है। पुलिस की इस छापेमारी का असली मकसद क्या था और नदी में डूबने की परिस्थितियों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी का अभी इंतजार किया जा रहा है।