भारत-जर्मनी व्यापार लक्ष्य: पीयूष गोयल ने रखा 310 अरब यूरो का महाविज़न
पीयूष गोयल ने भारत-जर्मनी व्यापार लक्ष्य को 310 अरब यूरो तक पहुंचाने का आह्वान किया है। जानें कैसे दोनों देश मिलकर व्यापार बढ़ाएंगे।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक बेहद महत्वाकांक्षी भारत-जर्मनी व्यापार लक्ष्य पेश किया है। उन्होंने द्विपक्षीय व्यापार को वर्तमान 31.5 अरब यूरो के स्तर से बढ़ाकर 310 अरब यूरो तक ले जाने का आह्वान किया है। इस बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग, निवेश और तकनीकी साझेदारी को और गहरा करने पर जोर दिया है।
दोनों देशों की ताकत का होगा अद्भुत संगम
जर्मनी में आयोजित 'भारत-जर्मनी बिजनेस राउंडटेबल' को संबोधित करते हुए और 'जर्मन काउंसिल ऑन फॉरेन अफेयर्स' (DGAP) के नए 'इंडिया सेंटर' का उद्घाटन करते हुए गोयल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में दोनों देश अपनी पूरक क्षमताओं का लाभ उठा सकते हैं।
उन्होंने दोनों देशों की खूबियों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे ये मिलकर मजबूत सप्लाई चेन बना सकते हैं:
- जर्मनी की विशेषज्ञता: सटीक इंजीनियरिंग (Precision Engineering) और गुणवत्ता के प्रति प्रतिबद्ध 'मिटेलस्टैंड' (Mittelstand) मॉडल।
- भारत की क्षमताएं: आधुनिक बुनियादी ढांचा, डिजिटल ताकत, और कुशल एवं प्रतिभाशाली युवा कार्यबल।
'मेड इन इंडिया' से 'को-क्रिएटेड' की ओर बढ़ते कदम
पीयूष गोयल ने व्यापार के भविष्य को लेकर एक नया और क्रांतिकारी विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम केवल "मेड इन इंडिया" या "मेड इन जर्मनी" तक ही सीमित न रहें।
"हमें ऐसे उत्पादों और प्रौद्योगिकियों की दिशा में काम करना चाहिए जो दोनों देशों द्वारा मिलकर बनाई जाएं, यानी 'को-क्रिएटेड' (Co-created) हों। जब व्यापार, निवेश, विनिर्माण, अनुसंधान और शिक्षा के बीच गहरे संबंध होंगे, तभी हम वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर पाएंगे।"
भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) जल्द होगा लागू
व्यापारिक संबंधों को नई गति देने के लिए मंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी बड़ी अपडेट दी। उन्होंने बताया कि इस समझौते के अंतिम बिंदुओं पर जनवरी इस वर्ष ही सहमति बन चुकी है।
समझौते की प्रगति को लेकर उन्होंने निम्नलिखित महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- आवश्यक संसदीय प्रक्रियाओं के बाद, यह समझौता अगले चार से पांच महीनों के भीतर प्रभावी हो सकता है।
- व्यवसायों को इस समझौते के लागू होने से पहले ही तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।
- कंपनियों को नए ग्राहकों, निवेशकों और सहयोगियों की पहचान करने के साथ-साथ गुणवत्ता और मूल्य निर्धारण पर भी ध्यान देना चाहिए।
बता दें कि पीयूष गोयल 22 से 24 अक्टूबर तक जर्मनी के आधिकारिक दौरे पर हैं, जिसके बाद वे 24 से 27 अक्टूबर तक नीदरलैंड की यात्रा करेंगे।